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10 Jan 2024 · 1 min read

“अगर हो वक़्त अच्छा तो सभी अपने हुआ करते

“अगर हो वक़्त अच्छा तो सभी अपने हुआ करते
लगें जब मुफ़लिसी की ठोकरें रिश्ते सिखाती हैं”

आर.एस. ‘प्रीतम’
शब्दार्थ- मुफ़लिसी- ग़रीबी/निर्धनता

1 Like · 528 Views
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