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22 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-505💐

अकेली रात बची है,कहीं उन्हें देखने के लिए,
मुसाफ़िर सा फिरूँ दिल में उन्हें देखने के लिए,
आज़माइश चलेगी उनकी पता नहीं कब तक,
अश्क़ भी अब थक रहें हैं,उन्हें देखने के लिए।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
214 Views
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