Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 May 2023 · 1 min read

‘अकेलापन’

भ्रान्तियों की धूप मेँँ, था,
सत्य क्यों, कुम्हला गया।
हर कोई अपना लगा था,
दिल को जो, बहला गया।।

धूल जब, दर्पण से उतरी,
हो गया कुछ, चकित सा।
भ्रम सँजो रक्खे थे जो, उर,
सबको था, झुठला गया।।

तिमिर-पथ व्याकुल, व्यथित हो,
मुझको यूँ, देखे है क्यूँ।
जब उजाला मन का, नख-शिख,
मुझको था, नहला गया।।

खेल “आशा” और निराशा का,
निरन्तर यूँ चला,
याद वो आया बहुत, जो,
दिल को था, ठुकरा गया।।

दे गया अवसर स्वयं से,
बात का, पहचान का।
इक अकेलापन भी, उफ़,
क्या-क्या नहीं, सिखला गया..!

##———-##———-##——— -##

Language: Hindi
Tag: गीत
2 Likes · 1 Comment · 237 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
View all
You may also like:
राखी सबसे पर्व सुहाना
राखी सबसे पर्व सुहाना
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
You are the sanctuary of my soul.
You are the sanctuary of my soul.
Manisha Manjari
Let yourself loose,
Let yourself loose,
Dhriti Mishra
स्पीड
स्पीड
Paras Nath Jha
गुजर गई कैसे यह जिंदगी, हुआ नहीं कुछ अहसास हमको
गुजर गई कैसे यह जिंदगी, हुआ नहीं कुछ अहसास हमको
gurudeenverma198
जिंदगी तेरे कितने रंग, मैं समझ न पाया
जिंदगी तेरे कितने रंग, मैं समझ न पाया
पूर्वार्थ
दु:ख का रोना मत रोना कभी किसी के सामने क्योंकि लोग अफसोस नही
दु:ख का रोना मत रोना कभी किसी के सामने क्योंकि लोग अफसोस नही
Ranjeet kumar patre
"" *माँ की ममता* ""
सुनीलानंद महंत
चाहो जिसे चाहो तो बेलौस होके चाहो
चाहो जिसे चाहो तो बेलौस होके चाहो
shabina. Naaz
आशा
आशा
नवीन जोशी 'नवल'
माँ बाप खजाना जीवन का
माँ बाप खजाना जीवन का
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
पेइंग गेस्ट
पेइंग गेस्ट
Dr. Pradeep Kumar Sharma
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
मैं लिखता हूँ जो सोचता हूँ !
मैं लिखता हूँ जो सोचता हूँ !
DrLakshman Jha Parimal
One-sided love
One-sided love
Bidyadhar Mantry
अन्तर
अन्तर
Dr. Kishan tandon kranti
■ #ग़ज़ल / #कर_ले
■ #ग़ज़ल / #कर_ले
*प्रणय प्रभात*
‌‌भक्ति में शक्ति
‌‌भक्ति में शक्ति
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
बुंदेली दोहा बिषय- नानो (बारीक)
बुंदेली दोहा बिषय- नानो (बारीक)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
तुम्हें तो फुर्सत मिलती ही नहीं है,
तुम्हें तो फुर्सत मिलती ही नहीं है,
Dr. Man Mohan Krishna
डुगडुगी बजती रही ....
डुगडुगी बजती रही ....
sushil sarna
*कोपल निकलने से पहले*
*कोपल निकलने से पहले*
Poonam Matia
मैं अपना सबकुछ खोकर,
मैं अपना सबकुछ खोकर,
लक्ष्मी सिंह
🚩साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे।
🚩साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
हैवानियत
हैवानियत
Shekhar Chandra Mitra
आंसू
आंसू
नूरफातिमा खातून नूरी
हंसी आ रही है मुझे,अब खुद की बेबसी पर
हंसी आ रही है मुझे,अब खुद की बेबसी पर
Pramila sultan
जाने वाले बस कदमों के निशाँ छोड़ जाते हैं
जाने वाले बस कदमों के निशाँ छोड़ जाते हैं
VINOD CHAUHAN
3011.*पूर्णिका*
3011.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...