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19 Mar 2023 · 1 min read

अंधेरों में मुझे धकेलकर छीन ली रौशनी मेरी,

अंधेरों में मुझे धकेलकर छीन ली रौशनी मेरी,
ग़मो का हमसफर बनाकर हुई खुशी से दुश्मनी मेरी,
कि ऐ किस्मत मेरी इस कश्ती का इक साहिल ठिकाना है,
उसे भी छीनकर ना छीनना तू जिंदगी मेरी।

2 Likes · 2 Comments · 346 Views
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