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9 Jul 2023 · 1 min read

अंदाज़े शायरी

जिन्दगी जिंदादिली का पर्याय हो जाए
किसी के आंसुओं पर निसार हो जाए |
चुरा ले गम किसी की सिसकती सांसों से
खुद के ग़मों से बेपरवाह हो जाए ||

1 Like · 123 Views
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