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16 Jul 2023 · 1 min read

अंदाज़े बयाँ

फूलों से पूछो , दो दिन की जिन्दगी जीने का खुशनुमा एहसास |
बिखेरते खुशबू , कभी हो जाते देवों के क़दमों में बिखर , कभी हो जाते किसी प्रियतमा की वेणी का श्रृंगार ||

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Books from अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
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