Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Dec 2022 · 1 min read

Writing Challenge- जानवर (Animal)

आज का विषय है जानवर (Animal)

इस विषय पर किसी भी भाषा में एक नयी कविता, कहानी या संस्मरण लिखिए।

अपनी पोस्ट में Daily Writing Challenge टैग अवश्य जोड़ें।

यह कोई प्रतियोगिता नहीं है। आपको लिखने की प्रेरणा देने के लिए हम हर दिन एक नया विषय लेकर आते हैं।

3 Comments · 205 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
🥀 * गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 * गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
"मनाने की कोशिश में"
Dr. Kishan tandon kranti
अनुभूति
अनुभूति
Pratibha Pandey
मर्यादा और राम
मर्यादा और राम
Dr Parveen Thakur
प्रथम दृष्टांत में यदि आपकी कोई बातें वार्तालाभ ,संवाद या लि
प्रथम दृष्टांत में यदि आपकी कोई बातें वार्तालाभ ,संवाद या लि
DrLakshman Jha Parimal
आसमान में छाए बादल, हुई दिवस में रात।
आसमान में छाए बादल, हुई दिवस में रात।
डॉ.सीमा अग्रवाल
आप जितने सकारात्मक सोचेंगे,
आप जितने सकारात्मक सोचेंगे,
Sidhartha Mishra
दोहा-*
दोहा-*
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
बाल कविता: मूंगफली
बाल कविता: मूंगफली
Rajesh Kumar Arjun
प्रेम की राह।
प्रेम की राह।
लक्ष्मी सिंह
2945.*पूर्णिका*
2945.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
अब ना होली रंगीन होती है...
अब ना होली रंगीन होती है...
Keshav kishor Kumar
बहुत हैं!
बहुत हैं!
Srishty Bansal
दिये को रोशननाने में रात लग गई
दिये को रोशननाने में रात लग गई
कवि दीपक बवेजा
हम अपनी आवारगी से डरते हैं
हम अपनी आवारगी से डरते हैं
Surinder blackpen
*नियति*
*नियति*
Harminder Kaur
सच तो तेरा मेरा प्यार हैं।
सच तो तेरा मेरा प्यार हैं।
Neeraj Agarwal
विनाश नहीं करती जिन्दगी की सकारात्मकता
विनाश नहीं करती जिन्दगी की सकारात्मकता
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Open mic Gorakhpur
Open mic Gorakhpur
Sandeep Albela
जिनकी बातों मे दम हुआ करता है
जिनकी बातों मे दम हुआ करता है
शेखर सिंह
फन कुचलने का हुनर भी सीखिए जनाब...!
फन कुचलने का हुनर भी सीखिए जनाब...!
Ranjeet kumar patre
जर्जर है कानून व्यवस्था,
जर्जर है कानून व्यवस्था,
ओनिका सेतिया 'अनु '
*आया चैत सुहावना,ऋतु पावन मधुमास (कुंडलिया)*
*आया चैत सुहावना,ऋतु पावन मधुमास (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
সিগারেট নেশা ছিল না
সিগারেট নেশা ছিল না
Sakhawat Jisan
■ दोमुंहा-सांप।।
■ दोमुंहा-सांप।।
*Author प्रणय प्रभात*
* राष्ट्रभाषा हिन्दी *
* राष्ट्रभाषा हिन्दी *
surenderpal vaidya
*बूढ़ा दरख्त गाँव का *
*बूढ़ा दरख्त गाँव का *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
माना   कि  बल   बहुत  है
माना कि बल बहुत है
Paras Nath Jha
उदारता
उदारता
RAKESH RAKESH
नारी जीवन
नारी जीवन
Aman Sinha
Loading...