Dimpal Khari 53 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Dimpal Khari 25 Feb 2024 · 1 min read रिश्तों में झुकना हमे मुनासिब लगा रिश्तों में झुकना हमे मुनासिब लगा और वो हक जमाते चले गए , हमने दरियादिली क्या दिखाई वो हमारा वजूद ही मिटाते चले गए| Quote Writer 3 707 Share Dimpal Khari 14 Mar 2023 · 1 min read गुजरे वक्त के सबक से गुजरे वक्त के सबक से कल सुधर जाता हैं। गुजरे वक्त में जीकर आज भी गुजर जाता हैं। - डिम्पल खारी Hindi · Quote Writer 2 422 Share Dimpal Khari 3 May 2022 · 1 min read मेरे पिता पिता हैं बरगद की छाया, जिसके नीचे हम पले-बढ़े। कितने भी दुख आये हम पर, पिता ही सम्मुख खड़े रहे। बोली में थी कितनी कटुता, दिल में भरी थी अथाह... “पिता” - काव्य प्रतियोगिता एवं काव्य संग्रह · कविता 5 4 385 Share Dimpal Khari 26 Jan 2022 · 1 min read जय हिन्द हमारा नारा ....... मेरे वतन ,तुझको नमन तेरा हो जयकारा,जय हिन्द हमारा नारा । वीरों ने करे प्राण न्योछावर, मन नहीं उनका हारा जय हो देश के वीर मेरे ,जय हिन्द हमारा नारा... Hindi · कविता 4 675 Share Dimpal Khari 4 May 2021 · 1 min read गीतिका तेरे धोखे से लगता हैं तुझे भी दर्द दे हम भी । तुझे यूँ दर्द में पाकर फिर भी रो दिए हम भी । भरोसा तोड़ा था तुमने दुबारा कर... Hindi · ग़ज़ल/गीतिका 4 774 Share Dimpal Khari 4 Feb 2021 · 1 min read कुछ ख़त महोब्बत के नाम .... अर्पण है तुझे ,समर्पण है तुझे मेरी जिंदगी के बसंत। यादों में तू,वादों में तू मेरे लफ्जो में तू है अनंत। मीत मेरे तू जीत मेरी, लागी हैं तुझसे प्रीत... "कुछ खत मोहब्बत के" - काव्य प्रतियोगिता · कविता 12 46 682 Share Dimpal Khari 28 Jul 2020 · 1 min read ग़ज़ल कभी वो हमें खोने से डरते थे, आज मैं उन्हें खोने के डर में जी रही हूँ। ऐसा नही है की चाहत नही उन्हें हमसे , उनकी उम्मीद और ख़्वाहिश... Hindi · ग़ज़ल/गीतिका 12 11 603 Share Dimpal Khari 20 Jun 2020 · 1 min read गलवन के शहीदों को श्रद्धांजलि गलवन में हुए शहीदों को , मेरा कोटि कोटि प्रणाम। प्राण न्योछावर किए देश पर, अमर हो गया उनका नाम । वीर कुंदन,अमर और चंदन, देश भर में मचा हैं... Hindi · कविता 8 7 566 Share Dimpal Khari 23 Mar 2020 · 1 min read कोरोना का ख़ौफ़ कोरोना का ख़ौफ़ है देखो, फैला चारों ओर है देखो। विश्व में इसका आतंक मचा है, दुनिया का जनतंत्र हिला हैं। दुर्गम नही हैं यह बीमारी, सुरक्षा स्वयं की है... Hindi · कविता 9 16 825 Share Dimpal Khari 21 Mar 2020 · 1 min read निर्भया का इंसाफ़ देश की बेटी को अब इंसाफ़ मिला हैं, सात साल बाद न्याय का सूरज निकला हैं। उसकी माँ ने कितना धीरज बाँध रखा था बेटी को न्याय दिलाने का प्रण... Hindi · कविता 9 5 1k Share Dimpal Khari 28 Sep 2019 · 1 min read गज़ल तोड़ी थी जिसकी खातिर हमने हदे सारी, आज उसने ही हमें हद में रहना सिखा दिया। कभी कहते थे प्यार हैं तुमसे , आज प्यार को महज़ खिलौना बना दिया।... Hindi · ग़ज़ल/गीतिका 13 10 625 Share Dimpal Khari 7 May 2019 · 2 min read रिश्तों की कम होती अहमियत .... आज के इस बदलते युग में जहाँ रिश्तों की परिभाषा बदली है साथ साथ रिश्तों की अहमियत भी बदल गयी है ।जब एक बच्चे का जन्म होता है तभी से... Hindi · लेख 9 2 4k Share Dimpal Khari 19 Feb 2019 · 1 min read पुलवामा के शहीद पुलवामा का हाहाकार, मचा देश भर मे हैं आज । भूल में बैठें हैं जन सारे, आतंक का हो गया आग़ाज़। उन माँओं की आँख से , आँसू निरंतर बहते... Hindi · कविता 8 630 Share Dimpal Khari 1 Nov 2018 · 1 min read मेरी माँ माँ की ममता का कोई मोल नहीं, माँ जैसा कोई अनमोल नही। कभी सागर की गहराई सी , कभी पर्वत की ऊंचाई सी । कभी गंगा जैसी सुरसरिता , सब... "माँ" - काव्य प्रतियोगिता · कविता 18 112 1k Share Dimpal Khari 2 Sep 2018 · 1 min read बाल मज़दूरी..... एक नन्ही सी जान का, हो गया जीवन कुर्बान। देख जूझती बीमार माँ को, और बहन का भूखा पेट। नन्हे हाथ में ले ली कुदाल, चल पड़ा बाल मजदूरी की... Hindi · कविता 9 6 755 Share Dimpal Khari 21 Aug 2018 · 1 min read राखी का त्यौहार आया पावन राखी का त्यौहार, हैं ये भाई बहन का प्यार। सूनी कलाई पर भाई की , जब बहन की राखी सजती हैं। अपनी रक्षा करने का बस, वचन वो... Hindi · कविता 7 428 Share Dimpal Khari 2 Aug 2018 · 1 min read 15 अगस्त पर्व आजादी का...... 15 अगस्त आया पर्व आजादी का , दिन था वह अंग्रजो की बर्बादी का। शहीद हुए थे वीर शूरमा , आजाद कराने भारत को। नम हो जाती है आँखे सबकी,... Hindi · कविता 9 757 Share Dimpal Khari 29 Jul 2018 · 1 min read दर्द का आलम हमें ..... बैठे थे तन्हा, जहन में ख्याल आया कई दफा, करीब थे जो शख्स मेरे आज हैं वो क्यूँ खफ़ा। खामोशिया उनकी हमें ये मर यूं ही डालेंगी, तोड़ कर फिर... Hindi · ग़ज़ल/गीतिका 7 2 445 Share Dimpal Khari 13 Jul 2018 · 2 min read बलात्कार में ज़िम्मेदार सोशल मीडिया .... आज दुनिया में बलात्कार का औसत बड़ी तेजी से बढ़ता जा रहा हैं। लोग एक दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं परंतु यह मानने से कतराते की हैं कि इस... Hindi · लेख 9 691 Share Dimpal Khari 11 Jul 2018 · 1 min read हँसी लबों से छूट गयी ..... हँसी मेरे लबों से कही छूट सी गयी, खुशियां न जाने क्यूँ हमसे रूठ सी गयी। जी रहे हैं तन्हा हम अपनी जिंदगी, साथ अपनों का था जैसे खुदा की... Hindi · कविता 7 655 Share Dimpal Khari 22 Jun 2018 · 1 min read गज़ल अनजानी राहों में अनजाने शहरों में , मेरे हमदम घूरती निगाहें बहुत हैं। किस डगर हम चले ऐ मेरे हमनशीं , हर कदम यहाँ निशाने बहुत हैं। चाहे रहे हम... Hindi · ग़ज़ल/गीतिका 7 2 520 Share Dimpal Khari 22 Jun 2018 · 1 min read एक माँ की व्यथा....... एक दुखियारी माँ के दिल की व्यथा मैं सुनाऊ, हँसकर भी क्या गुजरे उसपर ये तुम्हे मैं बताऊ। बच्चो के लिए सब कुछ सहती हैं वो, दर्द अपना न किसी... Hindi · कविता 7 6 1k Share Dimpal Khari 10 Jun 2018 · 1 min read चली जो कलम....... चली जो कलम तो अफसाना लिख गया, ये तो मेरे प्यार का फ़साना लिख गया। कितनी शिद्दत है मेरे प्यार में, प्यार बिकता नही किसी बाजार में। हो ही जाता... Hindi · ग़ज़ल/गीतिका 5 746 Share Dimpal Khari 6 Jun 2018 · 1 min read पैसा पैसे से अपने भी दूर हो जाते हैं, पैसे का ये कैसा खेल देखो। कभी हुए थे जो दुश्मन , उनका फिर तुम मेल भी देखो। सबसे अहम् हैं माना... Hindi · कविता 6 508 Share Dimpal Khari 5 Jun 2018 · 1 min read फैशन का दौर हाय!फैशन का ये दौर देखों, कलियुग कैसा घनघोर देखों। कपडों के नाम पर हद बदल गई फटी जींस फैशन में चल गई। तन ढकता नही अब , फैशन के कपड़ो... Hindi · कविता 6 1 690 Share Dimpal Khari 1 Jun 2018 · 1 min read बेटी के जन्मदिन पर दिल की दुआ आई घर में मेरे, छोटी सी गुड़िया मेरी। खुशियों की बहार, संग लायी हैं मेरी। दामन में न हो कोई गम तेरे, माँ बाप का आशीष हैं संग तेरे। तेरी... Hindi · कविता 4 1k Share Dimpal Khari 26 May 2018 · 1 min read वृक्ष धरा पर अनमोल हैं वृक्ष धरा पर अनमोल हैं, बिन वृक्ष दुनिया डांवाडोल हैं। स्वयं धूप में रहकर के , हमको छाया देते हैं। अपनी जड़ी बूटियों से , निरोगी काया देते हैं। आँखों... Hindi · कविता 7 1 742 Share Dimpal Khari 23 May 2018 · 1 min read गाँव इन शहरों से तो , ये गाँव ही अच्छे हैं। बोली चाहे हो खड़ी, पर दिल उनके सच्चे हैं। गांव में मिलता हैं, मिलनसार का भाव। शहरों में तो है,... Hindi · कविता 6 1 676 Share Dimpal Khari 21 May 2018 · 1 min read वीर सिपाही इस भारत के वीर सिपाही, तुम देश की शान बढ़ाओगे। कितनी भी कठिनाई आये, तुम सबको दूर भागाओगे। जनता का विश्वास हो तुम, भारत माँ की आस हो तुम। कोई... Hindi · कविता 5 470 Share Dimpal Khari 21 May 2018 · 1 min read अपना जब कोई दूर जाता हैं........ अपना जब कोई दूर जाता हैं, ये दिल कितना टूट जाता हैं। याद में उनकी हम रोये हर पल, प्यारी थी उनकी हर गल। लौट के आओगे तुम कब, ये... Hindi · ग़ज़ल/गीतिका 4 419 Share Page 1 Next