बड़प्पन

क्या है ये ?
कैसे, कहां से आता ?
गुण है या कुछ और।
समूह गुणों का समाहित स्वभाव मे।
ज्ञान की गुरुता से उत्पन्न होती विन्रमता,
माधुर्य सहजता सरलता उदारता।
आयु पद धनादि पदार्थों से नही,
उद्दात गुणों से बड़ा होता व्यक्तित्व।
वास्तव में जो विद्वान वही महान, बड़ा है
बड़ा नही होता अभिमानी,
निराभिमानी बड़प्पन की शर्त।
क्रोधित परुशुराम से बोले राम विनयावत,
मस्तक हैं आप मैं चरण
न कोई संपन्नता न समानता
नाम भी बड़ा शस्त्र नैपुण्य मे भी बड़े आप
मेरे धनुष मे एक गुण आपके मे नवगुण समाहित
कृपया हमें क्षमा कर दें।
लंका विजय का श्रेय गुरू को दिया
कहां इतनी सामर्थ गुरु कृपा से विजयी हुआ।
बड़प्पन का जन्म लघुता विन्रमता से,
इससे निर्मित चरित्र अंबर से भी उंचा।
वीर बजरंग बली का चरित्र,
भयंकर सुरसा से लघु बन
दुर्गम लंका मे प्रवेश
मां सीता से अजर अमरता का आशीष
अपनी लघुता के कारण ही पा सके।
आइए हम भी बड़प्पन को धारण कर
उदाहरण बनें अन्य लोगों के लिए।
सर्वाधिकारसुरक्षित
@ अश्वनी कुमार जायसवाल