महाकुंभ चलो
आज समय है, स्वर्णिम आया,
जल,थल,अम्बर ने गाया.!
प्रयाग का महाकुंभ है, आया.।
अमृत बूंद गिरी धरा पर,
सत्य कहूं, विज्ञान समाया,
सनातन का अभिमान है, संगम,
गंगा,यमुना संग सरस्वती का रंग.!
हुआ प्रयाग का त्रिवेणी संगम।
आज उमड़ा जनसैलाब है,
महाकुंभ चलो, ये सौभाग्य है,
विश्व शिखर पर ध्वनि है, गूंजी,
संतों की शुभ वाणी बोली।
✍️~ SPK Sachin Lodhi