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Comments (29)

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वन्दनीय सृजन … भावपूर्ण … सुंदर कृति …आपका लेखन सराहनीय है । आदरणीय … उक्त शीर्षक पर मेरी मौलिक रचना “पिता महज एक व्यक्ति नहीं है” को अपना स्नेहाशीष प्रदान करें।
रचना पर पहुंच कर like & comment करें ।

धन्यवाद…. हरवंश श्रीवास्तव जी

2 Jun 2022 12:42 PM

बहुत खुबसूरत रचना।
कृपा”मेरा गुरूर है पिता”रचना पढकर कृतार्थ करें।

धन्यवाद…. VINOD KUMAR CHAUHAN जी

25 May 2022 07:45 PM

बहुत अच्छी रचना, आदरणीय पिता जी को विनम्र श्रद्धांजलि

धन्यवाद…. Rashmi Sanjay जी

15 May 2022 11:20 AM

अब तक की सबसे बेहतरीन poem बिना like किये जाया नहीं गया

धन्यवाद…. Lucky जी

बहुत सुंदर सर नमस्कार

धन्यवाद…. सुरेश कुमार चतुर्वेदी जी

10 May 2022 01:42 PM

बेहतरीन अभिव्यक्ति

धन्यवाद…. Lucky Rajesh जी

अति उत्तम, मेरे दोहा मुक्तक पिता की छांव का भी अवलोकन कीजिये।

धन्यवाद…. डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम जी

3 May 2022 09:15 PM

बहुत ही सुन्दर रचना।मेरी रचना पिता की याद भी पढ़े और अपनी प्रतिक्रिया देकर मुझे कृतज्ञ करे

धन्यवाद…. Bhawana Kumari जी

पिता विषय पर आपकी अति सुंदर हेतु बहुत बहुत बधाई! मेरी रचना ‘कर्ज भरना पिता का न आसान है’ का अवलोकन भी अवश्य करें। यदि रचना अच्छी लगे तो आशीर्वाद स्वरूप लाइक व कमेंट भी दें।

धन्यवाद…. आकाश महेशपुरी जी

22 Apr 2022 08:31 PM

बहुत सुंदर बेहद भावपूर्ण पंक्तियां

जय श्री राम….नमन….Bharti ji।

सुन्दर भावपूर्ण

जय श्री राम….नमन मनोज कर्ण ji।

सुन्दर

thanks रोहिणी नन्दन मिश्र ji

20 Apr 2022 09:33 PM

पूज्य पिता को सादर नमन ।

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