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25 May 2024 · 1 min read

Hard To Love

Walls I’ve built, a fortress of my own,
A drop of love to my heart’s unknown.
Trapped in a cage of fear and doubts,
I sit in isolation, the emptiness shouts.
A pit of despair, hollow and dark,
Forlorn my soul, seeks the tiniest spark.
You walk to me your heart unknown,
Your love for me is a broken throne.
I once believed that love was mine,
Though time taught me it’s a serpentine.
I couldn’t see it turned me blind.
The love it hurts, it haunts my mind.
A guarded room, behind the wall,
I’m scared, my heart, it cannot fall.
Locked, I keep the doors you see,
Still yearn for a love to set me free.
No blame on you, your heart rings true,
The fault lies deep within this wounded hue.
A crimson tear escapes my eye,
A silent scream beneath a painted sky.
Maybe it’s me who’s hard to love,
A tangled vine and a soaring dove…

-Vedha Singh

Language: English
Tag: Poem
2 Likes · 34 Views
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