***Every moment is panoramic***

Every moment is panoramic,
Which are to be searched by you,
Where ?
Within you and within other person,
Here,is need of your own tact,
To perceive human,
According their feelings,
Their words,
Their power,
Their overall style,
You will feel ,such reliance,
That,really,
Every humen being,
Is wandering with his joy or sorrow,
Even,they are living in weal and woe,
Actually,This is the life,
And moments are it’s part,
So make it perpetual and tangible,
To convert it from difficult to easy,
With your own practices.

©Abhishek Parashar 🌸🌸🌸🌸🌸

1 Like · 1 Comment · 161 Views
You may also like:
मेरा ना कोई नसीब है।
Taj Mohammad
# मां ...
Chinta netam मन
सतुआन
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
मजदूर_दिवस_पर_विशेष
संजीव शुक्ल 'सचिन'
बस करो अब मत तड़फाओ ना
Krishan Singh
बस एक निवाला अपने हिस्से का खिला कर तो देखो।
Gouri tiwari
"वो पिता मेरे, मै बेटी उनकी"
रीतू सिंह
खेतों की मेड़ , खेतों का जीवन
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
गम हो या हो खुशी।
Taj Mohammad
धरती की फरियाद
Anamika Singh
श्री राम ने
Vishnu Prasad 'panchotiya'
पहाड़ों की रानी
Shailendra Aseem
वेदना
Archana Shukla "Abhidha"
सुर बिना संगीत सूना.!
Prabhudayal Raniwal
राह जो तकने लगे हैं by Vinit Singh Shayar
Vinit Singh
ढह गया …
Rekha Drolia
दूजा नहीं रहता
अरशद रसूल /Arshad Rasool
नई सुबह रोज
Prabhudayal Raniwal
हैं पिता, जिनकी धरा पर, पुत्र वह, धनवान जग में।।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
$ग़ज़ल
आर.एस. 'प्रीतम'
समीक्षा -'रचनाकार पत्रिका' संपादक 'संजीत सिंह यश'
Rashmi Sanjay
पिता - नीम की छाँव सा - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
वनवासी संसार
सूर्यकांत द्विवेदी
【6】** माँ **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
एक पल,विविध आयाम..!
मनोज कर्ण
एक शख्स सारे शहर को वीरान कर जाता हैं
Krishan Singh
कामयाबी
डी. के. निवातिया
बे-पर्दे का हुस्न।
Taj Mohammad
Un-plucked flowers
Aditya Prakash
नन्हा बीज
मनोज कर्ण
Loading...