Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Jul 2016 · 1 min read

एक शेर

ज़माने भर की मुश्किल हैं मगर कब दिल समझता है
ये खुद को प्यार के अब भी बहुत काबिल समझता है

सुरेन्द्र श्रीवास्तव

Language: Hindi
Tag: शेर
489 Views
You may also like:
चाह
जय लगन कुमार हैप्पी
मय है मीना है साकी नहीं है।
सत्य कुमार प्रेमी
मसखरा कहीं सो गया
Satish Srijan
उसकी आँखों के दर्द ने मुझे, अपने अतीत का अक्स...
Manisha Manjari
तुझ में जो खो गया है वह मंजर तलाश कर।
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
पानी में सब गाँव।
Anil Mishra Prahari
आप जैंसे नेता ही,देश को आगे ले जाएंगे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
सास और बहु
Vikas Sharma'Shivaaya'
*आधुनिक सॉनेट का अनुपम संग्रह है ‘एक समंदर गहरा भीतर’*
बिमल तिवारी आत्मबोध
✍️तो ऐसा नहीं होता✍️
'अशांत' शेखर
"अकेला काफी है तू"
कवि दीपक बवेजा
एक सवाल
Taran Singh Verma
दूरियाँ
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
अशोक महान
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मोन
श्याम सिंह बिष्ट
💐मिटा बजूद ही शर्त है,आपसे मिलने की💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बहुत मुश्किलों से
Dr fauzia Naseem shad
प्रतियोगिता
krishan saini
सुख और दुःख
Saraswati Bajpai
खोलो मन के द्वार (कुंडलिया)
Ravi Prakash
एक पत्नि की मन की भावना
Ram Krishan Rastogi
आज का आम आदमी
Shyam Sundar Subramanian
★ मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
आशा निराशा
सूर्यकांत द्विवेदी
किसे फर्क पड़ता है।(कविता)
sangeeta beniwal
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तुम्हारे हाथों में।
Taj Mohammad
पुष्प की पीड़ा
rkchaudhary2012
फ्रस्ट्रेटेड जीनियस
Shekhar Chandra Mitra
तुमसे अब मैं क्या छुपाऊँ
gurudeenverma198
Loading...