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7 Jul 2023 · 1 min read

Alahda tu bhi nhi mujhse,

Alahda tu bhi nhi mujhse,
Bekhabar mai bhi nhi tujhse,
Dur ho kar khush tu bhi nhi mujhe,
Khafa mai bhi nhi tujhse,
Ye man jane ko raji tu bhi nhi waise,
Mai bhi nhi jaise,
Maryada ki diwaro ko saza kar ,
Humne khud ko to bat liya,
Par ye ruh ki fitrat kahti hai ki,
Juda tu bhi nhi mujhse,
Mai bhi nhi tujhse.

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