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20 Aug 2023 · 1 min read

Ajj fir ek bar tum mera yuhi intazar karna,

Ajj fir ek bar tum mera yuhi intazar karna,
Rat jab tak khatam na ho tum yuhi mujhse
Bat karna.
Bhula dena meri sari bewafai ko,
Aur fir ek nayi shuruat karna.
Ajj tum fir apne parde benakab karna,
Gujarish yhi h tumse ki milo bhale hi na
Hmse kbhi,
Duwao me hmari maujudgi barkarar rakhna

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