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12 Jan 2024 · 1 min read

2928.*पूर्णिका*

2928.*पूर्णिका*
🌷 हम जमाने के संग बदल गए🌷
2122 2212 22
हम जमाने के संग बदल गए ।
आज जीने के ढंग बदल गए ।।
राह चलती दुनिया यहाँ देखो।
नेकियों से सब रंग बदल गए ।।
सफर बस काँटों का यहाँ था सच।
संघर्षो की कब जंग बदल गए ।।
ये हवा देती है शुकून जहाँ ।
सांस गलियां थी तंग बदल गए ।।
पांव चूमे मंजिल कहे खेदू।
जिंदगी प्यार उमंग बदल गए ।।
………✍ डॉ .खेदू भारती”सत्येश”
12-01-2024शुक्रवार

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