Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Aug 2023 · 1 min read

2441.पूर्णिका

2441.पूर्णिका
🌹कोई मुहब्बत की बात करते हैं 🌹
22 22 2212 22
कोई मुहब्बत की बात करते हैं ।
कोई नफरत की बात करते हैं ।।
है फूलों सा ये जिंदगी अपनी ।
दुनिया फितरत की बात करते हैं ।।
ख्याल रखे जिनका जान से ज्यादा ।
वो बस सूरत की बात करते हैं ।।
पाते मंजिल जोखिम उठा चलते ।
नादां मूरत की बात करते हैं ।।
साथ निभाते नवराह है खेदू ।
हम तो सीरत की बात करते हैं ।।
………..✍डॉ .खेदू भारती”सत्येश”
20-8-2023रविवार

271 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
श्रृष्टि का आधार!
श्रृष्टि का आधार!
कविता झा ‘गीत’
जितना रोज ऊपर वाले भगवान को मनाते हो ना उतना नीचे वाले इंसान
जितना रोज ऊपर वाले भगवान को मनाते हो ना उतना नीचे वाले इंसान
Ranjeet kumar patre
बच्चे
बच्चे
Shivkumar Bilagrami
बँटवारा
बँटवारा
Shriyansh Gupta
अधूरा प्रयास
अधूरा प्रयास
Sûrëkhâ
शेखर सिंह ✍️
शेखर सिंह ✍️
शेखर सिंह
"सफलता की चाह"
Dr. Kishan tandon kranti
एक तरफ
एक तरफ
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
3107.*पूर्णिका*
3107.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
बे-फ़िक्र ज़िंदगानी
बे-फ़िक्र ज़िंदगानी
Shyam Sundar Subramanian
पाश्चात्यता की होड़
पाश्चात्यता की होड़
Mukesh Kumar Sonkar
" खामोश आंसू "
Aarti sirsat
बड़ी मादक होती है ब्रज की होली
बड़ी मादक होती है ब्रज की होली
कवि रमेशराज
हिन्दी की गाथा क्यों गाते हो
हिन्दी की गाथा क्यों गाते हो
Anil chobisa
मै शहर में गाँव खोजता रह गया   ।
मै शहर में गाँव खोजता रह गया ।
CA Amit Kumar
🙅ओनली पूछिंग🙅
🙅ओनली पूछिंग🙅
*प्रणय प्रभात*
शीर्षक - 'शिक्षा : गुणात्मक सुधार और पुनर्मूल्यांकन की महत्ती आवश्यकता'
शीर्षक - 'शिक्षा : गुणात्मक सुधार और पुनर्मूल्यांकन की महत्ती आवश्यकता'
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
गर्म स्वेटर
गर्म स्वेटर
Awadhesh Singh
ज़िंदगी  ने  अब  मुस्कुराना  छोड़  दिया  है
ज़िंदगी ने अब मुस्कुराना छोड़ दिया है
Bhupendra Rawat
بدل گیا انسان
بدل گیا انسان
Ahtesham Ahmad
गुमनाम राही
गुमनाम राही
AMRESH KUMAR VERMA
मैं अपने बिस्तर पर
मैं अपने बिस्तर पर
Shweta Soni
*जनवरी में साल आया है (मुक्तक)*
*जनवरी में साल आया है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
*तिरंगा मेरे  देश की है शान दोस्तों*
*तिरंगा मेरे देश की है शान दोस्तों*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
महायुद्ध में यूँ पड़ी,
महायुद्ध में यूँ पड़ी,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
नए मुहावरे में बुरी औरत / MUSAFIR BAITHA
नए मुहावरे में बुरी औरत / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
हैवानियत के पाँव नहीं होते!
हैवानियत के पाँव नहीं होते!
Atul "Krishn"
मेरे प्रेम पत्र 3
मेरे प्रेम पत्र 3
विजय कुमार नामदेव
Loading...