Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Aug 2023 · 1 min read

2433.पूर्णिका

2433.पूर्णिका
🌹देश प्रेम का अंदाज देखिए 🌹
2121 2221 212
देश प्रेम का अंदाज देखिए ।
नेक सोच है जाँबाज देखिए ।।
जानते कहाँ कोई यहाँ यूं पता ।
अलग-अलग सा बेताज देखिए ।।
हमनवाब ये संगीत जिंदगी ।
वीर गीत अब नवसाज देखिए ।।
महक चमन में हम रोज चाहते ।
रंग रंग करते नाज देखिए ।।
जोश में जहाँ इंसान भूलते ।
हाल चाल पूछे आज देखिए ।।
हँस हँस खेदू लोग हँसते ।
चमकते न गिरते गाज देखिए ।।
………….✍डॉ .खेदू भारती”सत्येश”
15-8-2023मंगलवार

150 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ये इंसानी फ़ितरत है जनाब !
ये इंसानी फ़ितरत है जनाब !
पूर्वार्थ
दिल से जाना
दिल से जाना
Sangeeta Beniwal
कुछ लोग रिश्ते में व्यवसायी होते हैं,
कुछ लोग रिश्ते में व्यवसायी होते हैं,
Vindhya Prakash Mishra
306.*पूर्णिका*
306.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
ग़ज़ल:- रोशनी देता है सूरज को शरारा करके...
ग़ज़ल:- रोशनी देता है सूरज को शरारा करके...
अरविन्द राजपूत 'कल्प'
राम के नाम को यूं ही सुरमन करें
राम के नाम को यूं ही सुरमन करें
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
जय श्रीकृष्ण -चंद दोहे
जय श्रीकृष्ण -चंद दोहे
Om Prakash Nautiyal
इश्क बाल औ कंघी
इश्क बाल औ कंघी
Sandeep Pande
प्रकृति का प्रकोप
प्रकृति का प्रकोप
Kanchan verma
पहाड़ का अस्तित्व - पहाड़ की नारी
पहाड़ का अस्तित्व - पहाड़ की नारी
श्याम सिंह बिष्ट
रोशनी की भीख
रोशनी की भीख
Shekhar Chandra Mitra
पाहन भी भगवान
पाहन भी भगवान
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
मतदान करो और देश गढ़ों!
मतदान करो और देश गढ़ों!
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
*जमानत : आठ दोहे*
*जमानत : आठ दोहे*
Ravi Prakash
जिज्ञासा और प्रयोग
जिज्ञासा और प्रयोग
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
हम दुनिया के सभी मच्छरों को तो नहीं मार सकते है तो क्यों न ह
हम दुनिया के सभी मच्छरों को तो नहीं मार सकते है तो क्यों न ह
Rj Anand Prajapati
भुलाना ग़लतियाँ सबकी सबक पर याद रख लेना
भुलाना ग़लतियाँ सबकी सबक पर याद रख लेना
आर.एस. 'प्रीतम'
केवल भाग्य के भरोसे रह कर कर्म छोड़ देना बुद्धिमानी नहीं है।
केवल भाग्य के भरोसे रह कर कर्म छोड़ देना बुद्धिमानी नहीं है।
Paras Nath Jha
क्या मथुरा क्या काशी जब मन में हो उदासी ?
क्या मथुरा क्या काशी जब मन में हो उदासी ?
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
अमीरों की गलियों में
अमीरों की गलियों में
gurudeenverma198
पुण्यात्मा के हाथ भी, हो जाते हैं पाप।
पुण्यात्मा के हाथ भी, हो जाते हैं पाप।
डॉ.सीमा अग्रवाल
संतुलित रहें सदा जज्बात
संतुलित रहें सदा जज्बात
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मुहब्बत  फूल  होती  है
मुहब्बत फूल होती है
shabina. Naaz
तितली के तेरे पंख
तितली के तेरे पंख
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
शुरुवात जरूरी है...!!
शुरुवात जरूरी है...!!
Shyam Pandey
आप वक्त को थोड़ा वक्त दीजिए वह आपका वक्त बदल देगा ।।
आप वक्त को थोड़ा वक्त दीजिए वह आपका वक्त बदल देगा ।।
लोकेश शर्मा 'अवस्थी'
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
Ram Krishan Rastogi
मंजिल की तलाश में
मंजिल की तलाश में
Praveen Sain
जागे हैं देर तक
जागे हैं देर तक
Sampada
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Loading...