Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Feb 2024 · 1 min read

24, *ईक्सवी- सदी*

ईक्सवीं सदी आई…
क्या परिवर्तन लाई…
क्या समाज की सोच बदली?
क्या रूढ़िवादिता बदली?
सबके लिए कुछ न कुछ बदलाव आया,
क्या स्त्रियों के लिए भी परिवर्तन आया?
क्या उन्हें भी मिली स्वतंत्रता… ?
अपने लिए सोचने की,
अपनी भी इच्छापूर्ति की,
स्वच्छंदता से विचरण की,
अपने लिए भी जीने की,
अक्सर सोचती हूँ
इस सदीं की संध्या में…
समाज में ये कैसे परिवर्तन आ रहें….
परिवार बिखर रहें…
दायरे सिकुड़ रहे…
प्यार सिमट रहे..
संस्कार भूल रहे
कैसी ये ईक्सवीं सदीं आई
और…
‘मधु’ क्या ये देकर जा रही!!!

79 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Shweta sood
View all
You may also like:
నీవే మా రైతువి...
నీవే మా రైతువి...
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
माँ
माँ
Dr. Pradeep Kumar Sharma
फूल अब खिलते नहीं , खुशबू का हमको पता नहीं
फूल अब खिलते नहीं , खुशबू का हमको पता नहीं
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कमली हुई तेरे प्यार की
कमली हुई तेरे प्यार की
Swami Ganganiya
केतकी का अंश
केतकी का अंश
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
लाचार जन की हाय
लाचार जन की हाय
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
हमको तू ऐसे नहीं भूला, बसकर तू परदेश में
हमको तू ऐसे नहीं भूला, बसकर तू परदेश में
gurudeenverma198
"
*Author प्रणय प्रभात*
लड़को की समस्या को व्यक्त किया गया है। समाज में यह प्रचलन है
लड़को की समस्या को व्यक्त किया गया है। समाज में यह प्रचलन है
पूर्वार्थ
पहले क्या करना हमें,
पहले क्या करना हमें,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
*भरत राम के पद अनुरागी (चौपाइयॉं)*
*भरत राम के पद अनुरागी (चौपाइयॉं)*
Ravi Prakash
***
*** " पापा जी उन्हें भी कुछ समझाओ न...! " ***
VEDANTA PATEL
ये आप पर है कि ज़िंदगी कैसे जीते हैं,
ये आप पर है कि ज़िंदगी कैसे जीते हैं,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
आशा
आशा
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
झूठ भी कितना अजीब है,
झूठ भी कितना अजीब है,
नेताम आर सी
हमने अपना भरम
हमने अपना भरम
Dr fauzia Naseem shad
मतिभ्रष्ट
मतिभ्रष्ट
Shyam Sundar Subramanian
💐प्रेम कौतुक-553💐
💐प्रेम कौतुक-553💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हिंदी
हिंदी
Bodhisatva kastooriya
सरस्वती वंदना
सरस्वती वंदना
Neeraj Mishra " नीर "
हे!जगजीवन,हे जगनायक,
हे!जगजीवन,हे जगनायक,
Neelam Sharma
नारी बिन नर अधूरा🙏
नारी बिन नर अधूरा🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
फ़ैसले का वक़्त
फ़ैसले का वक़्त
Shekhar Chandra Mitra
आत्मा शरीर और मन
आत्मा शरीर और मन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
बहुत मुश्किल होता हैं, प्रिमिकासे हम एक दोस्त बनकर राहते हैं
बहुत मुश्किल होता हैं, प्रिमिकासे हम एक दोस्त बनकर राहते हैं
Sampada
बनी दुलहन अवध नगरी, सियावर राम आए हैं।
बनी दुलहन अवध नगरी, सियावर राम आए हैं।
डॉ.सीमा अग्रवाल
होके रुकसत कहा जाओगे
होके रुकसत कहा जाओगे
Awneesh kumar
वृद्धावस्था
वृद्धावस्था
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
यादें...
यादें...
Harminder Kaur
अफसोस-कविता
अफसोस-कविता
Shyam Pandey
Loading...