Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jul 2023 · 1 min read

2390.पूर्णिका

2390.पूर्णिका
जीवन भी खास होते हैं
22 2212 22
जीवन भी खास होते हैं ।
फेल यहाँ पास होते हैं ।।
दर्द तो दर्द है दवा देते ।
कुछ यूं परिहास होते हैं ।।
मंजिल की चाह में यारों ।
हरदम अरदास होते हैं ।।
सच दिल से प्यार करते सब ।
दुनिया बिंदास होते हैं ।।
साथ निभाते यहाँ खेदू।
बस रोज उजास होते हैं ।।
…………✍डॉ .खेदू भारती”सत्येश”
10-7-2023सोमवार

235 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
पूछूँगा मैं राम से,
पूछूँगा मैं राम से,
sushil sarna
मैं तो महज संघर्ष हूँ
मैं तो महज संघर्ष हूँ
VINOD CHAUHAN
काश असल पहचान सबको अपनी मालूम होती,
काश असल पहचान सबको अपनी मालूम होती,
manjula chauhan
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
" दम घुटते तरुवर "
Dr Meenu Poonia
बहुत अंदर तक जला देती हैं वो शिकायतें,
बहुत अंदर तक जला देती हैं वो शिकायतें,
शेखर सिंह
उन कचोटती यादों का क्या
उन कचोटती यादों का क्या
Atul "Krishn"
हार से भी जीत जाना सीख ले।
हार से भी जीत जाना सीख ले।
सत्य कुमार प्रेमी
प्रतिभाशाली बाल कवयित्री *सुकृति अग्रवाल* को ध्यान लगाते हुए
प्रतिभाशाली बाल कवयित्री *सुकृति अग्रवाल* को ध्यान लगाते हुए
Ravi Prakash
आप कौन है, आप शरीर है या शरीर में जो बैठा है वो
आप कौन है, आप शरीर है या शरीर में जो बैठा है वो
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
सभी को सभी अपनी तरह लगते है
सभी को सभी अपनी तरह लगते है
Shriyansh Gupta
■ आज की बात
■ आज की बात
*प्रणय प्रभात*
सब की नकल की जा सकती है,
सब की नकल की जा सकती है,
Shubham Pandey (S P)
रमेशराज के मौसमविशेष के बालगीत
रमेशराज के मौसमविशेष के बालगीत
कवि रमेशराज
खुद के होते हुए भी
खुद के होते हुए भी
Dr fauzia Naseem shad
कैसे भूल जाएं...
कैसे भूल जाएं...
इंजी. संजय श्रीवास्तव
2524.पूर्णिका
2524.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
प्रेम भरे कभी खत लिखते थे
प्रेम भरे कभी खत लिखते थे
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
परिवर्तन विकास बेशुमार🧭🛶🚀🚁
परिवर्तन विकास बेशुमार🧭🛶🚀🚁
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
किताबें
किताबें
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अलबेला अब्र
अलबेला अब्र
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
तुम बदल जाओगी।
तुम बदल जाओगी।
Rj Anand Prajapati
"मेहमान"
Dr. Kishan tandon kranti
बाल कविता: 2 चूहे मोटे मोटे (2 का पहाड़ा, शिक्षण गतिविधि)
बाल कविता: 2 चूहे मोटे मोटे (2 का पहाड़ा, शिक्षण गतिविधि)
Rajesh Kumar Arjun
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
गले लगाना पड़ता है
गले लगाना पड़ता है
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
हर बात पे ‘अच्छा’ कहना…
हर बात पे ‘अच्छा’ कहना…
Keshav kishor Kumar
हरियाली के बीच में , माँ का पकड़े हाथ ।
हरियाली के बीच में , माँ का पकड़े हाथ ।
Mahendra Narayan
खुद से सिफारिश कर लेते हैं
खुद से सिफारिश कर लेते हैं
Smriti Singh
आज वो दौर है जब जिम करने वाला व्यक्ति महंगी कारें खरीद रहा ह
आज वो दौर है जब जिम करने वाला व्यक्ति महंगी कारें खरीद रहा ह
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
Loading...