Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Mar 2023 · 1 min read

2245.

2245.
💥हम यादों में खो जाते हैं 💥
22 22 22 22
हम यादों में खो जाते हैं ।
यूं गम सारे सो जाते हैं ।।
करते हरपल बात खुशी की ।
कुछ बीज यहाँ बो जाते हैं ।।
बस होठों पे हँसी तेरी ।
दिल दीवाना हो जाते हैं ।।
रात कहाँ दिन भर चैन नहीं ।
अंदर अंदर रो जाते हैं ।।
देखो सुंदर दुनिया खेदू।
वापस आते जो जाते हैं ।।
………..✍प्रो .खेदू भारती”सत्येश”
23-3-2023गुरुवार

115 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
स्वजातीय विवाह पर बंधाई
स्वजातीय विवाह पर बंधाई
Vijay kannauje
मेरी शक्ति
मेरी शक्ति
Dr.Priya Soni Khare
*होलिका दहन*
*होलिका दहन*
Rambali Mishra
*दुआओं का असर*
*दुआओं का असर*
Shashi kala vyas
■ क़तआ / मुक्तक
■ क़तआ / मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
जय हिन्द वाले
जय हिन्द वाले
Shekhar Chandra Mitra
जन्मदिन तुम्हारा!
जन्मदिन तुम्हारा!
bhandari lokesh
मुख्तशर सी जिन्दगी हैं,,,
मुख्तशर सी जिन्दगी हैं,,,
Taj Mohammad
Ghughat maryada hai, majburi nahi.
Ghughat maryada hai, majburi nahi.
Sakshi Tripathi
हमारी हार के किस्सों के हिस्से हो गए हैं
हमारी हार के किस्सों के हिस्से हो गए हैं
सिद्धार्थ गोरखपुरी
2316.पूर्णिका
2316.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
"गाँव की सड़क" कहानी लेखक: राधाकिसन मूंदड़ा, सूरत, गुजरात!
Radhakishan Mundhra
Life is a rain
Life is a rain
Ankita Patel
आसाध्य वीना का सार
आसाध्य वीना का सार
Utkarsh Dubey “Kokil”
मतदान
मतदान
Sanjay
कातिल
कातिल
Gurdeep Saggu
माँ (खड़ी हूँ मैं बुलंदी पर मगर आधार तुम हो माँ)
माँ (खड़ी हूँ मैं बुलंदी पर मगर आधार तुम हो माँ)
Dr Archana Gupta
पूर्बज्ज् का रतिजोगा
पूर्बज्ज् का रतिजोगा
Anil chobisa
आए प्रभु करके कृपा , इतने दिन के बाद (कुंडलिया)
आए प्रभु करके कृपा , इतने दिन के बाद (कुंडलिया)
Ravi Prakash
💐प्रेम कौतुक-415💐
💐प्रेम कौतुक-415💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
दिन भी बहके से हुए रातें आवारा हो गईं।
दिन भी बहके से हुए रातें आवारा हो गईं।
सत्य कुमार प्रेमी
ये छुटपुट कोहरा छिपा नही सकता आफ़ताब को
ये छुटपुट कोहरा छिपा नही सकता आफ़ताब को
'अशांत' शेखर
जिन्दगी कुछ इस कदर रूठ गई है हमसे
जिन्दगी कुछ इस कदर रूठ गई है हमसे
श्याम सिंह बिष्ट
मोह माया ये ज़िंदगी सब फ़ँस गए इसके जाल में !
मोह माया ये ज़िंदगी सब फ़ँस गए इसके जाल में !
Neelam Chaudhary
जै जै अम्बे
जै जै अम्बे
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
मत याद करो बीते पल को
मत याद करो बीते पल को
Surya Barman
राम काज में निरत निरंतर
राम काज में निरत निरंतर
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
थे गुर्जर-प्रतिहार के, सम्राट मिहिर भोज
थे गुर्जर-प्रतिहार के, सम्राट मिहिर भोज
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
वो भी क्या दिन थे,
वो भी क्या दिन थे,
Dr. Rajiv
कपालभाती के लाभ
कपालभाती के लाभ
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
Loading...