Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Mar 2017 · 1 min read

सुख-शांति की तलाश

सुख-शांति की तलाश!
———————–
ना जाने कैसे रुकेगा
रक्त -पात, खून-खराबा ?
भटकती यह नई पीढ़ी!
न जाने किस ओर जा रही है ?
चरस,हीरोइन और गांजे की
लत,”नशे में बेहोश लड़खड़ाते,
उनके कदम,ना जाने क्या
प्रदर्शित करना चाहते हैं?”
“आधुनिक” होने का ढोंग-
करते-करते गर्त में गिरते जा रहे हैं।
दूसरी ओर गांव से शहर की ओर
भागता आदमी शायद भूल रहा है
कि जो शांति गांव में है,
वहीं शहर में लोगों को नींद हराम है।
बाहरी चमक -दमक से आकर्षित
होना कहां तक उचित है?
अपनी निराशा छुपाए
कुछ खोज रहा है ।
“दिवास्वप्न”देख एकांत लंबा,
सुनसान रास्तों पर चल रहा है।
उजड़े हुए घर ,सहमे हुए से लोग
उसकी नजर से परे हैं।
“इच्छाशक्ति” शायद उसकी
कभी कम ना हो ।
वह अब “आधुनिक” कहलाना
पसंद करता है।
उस के चटकीले वस्त्र
“सभ्यता के नारे “बार-बार
कानों से टकराते,
वापस लौट जाते हैं।
“अनन्त एश्वर्य “की तलाश में
अमीर बनने की चाह ने
गांव की मिट्टी को ही भुला दिया है ।
लेकिन वह आज अपने पर
हंस रहा है।
उसका अपनत्व उजड़ गया है
यथार्थ क्या है ?
लोग बाहरी हमदर्दी दिखाते हैं,
जो उससे कुछ पाना चाहते हैं
पर उसे अपना कहने वाला कोई नहीं।
आज भी वह सुख-शांति की
तलाश में भटक रहा है।

संतोष भावरकर “नीर
जिला-नरसिंहपुर (म.प्र.)

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 1414 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बहुत मुश्किल होता हैं, प्रिमिकासे हम एक दोस्त बनकर राहते हैं
बहुत मुश्किल होता हैं, प्रिमिकासे हम एक दोस्त बनकर राहते हैं
Sampada
"पालतू"
Dr. Kishan tandon kranti
मेरी दोस्ती के लायक कोई यार नही
मेरी दोस्ती के लायक कोई यार नही
Rituraj shivem verma
"क्रोधित चिड़िमार"(संस्मरण -फौजी दर्शन ) {AMC CENTRE LUCKNOW}
DrLakshman Jha Parimal
अपने सपनों के लिए
अपने सपनों के लिए
हिमांशु Kulshrestha
हमारे ख्याब
हमारे ख्याब
Aisha Mohan
जीवन में सही सलाहकार का होना बहुत जरूरी है
जीवन में सही सलाहकार का होना बहुत जरूरी है
Rekha khichi
సూర్య మాస రూపాలు
సూర్య మాస రూపాలు
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
3325.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3325.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
या खुदा तू ही बता, कुछ शख़्स क्यों पैदा किये।
या खुदा तू ही बता, कुछ शख़्स क्यों पैदा किये।
सत्य कुमार प्रेमी
तुम्हारे पास ज्यादा समय नही हैं, मौत तुम्हारे साये के रूप मे
तुम्हारे पास ज्यादा समय नही हैं, मौत तुम्हारे साये के रूप मे
पूर्वार्थ
मेरे अंतस में ......
मेरे अंतस में ......
sushil sarna
नज़्म _मिट्टी और मार्बल का फर्क ।
नज़्म _मिट्टी और मार्बल का फर्क ।
Neelofar Khan
*सब पर मकान-गाड़ी, की किस्त की उधारी (हिंदी गजल)*
*सब पर मकान-गाड़ी, की किस्त की उधारी (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
क्यों गम करू यार की तुम मुझे सही नही मानती।
क्यों गम करू यार की तुम मुझे सही नही मानती।
Ashwini sharma
*अंतःकरण- ईश्वर की वाणी : एक चिंतन*
*अंतःकरण- ईश्वर की वाणी : एक चिंतन*
नवल किशोर सिंह
*बाढ़*
*बाढ़*
Dr. Priya Gupta
वो तारीख़ बता मुझे जो मुकर्रर हुई थी,
वो तारीख़ बता मुझे जो मुकर्रर हुई थी,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
जीवन का जीवन
जीवन का जीवन
Dr fauzia Naseem shad
कब भोर हुई कब सांझ ढली
कब भोर हुई कब सांझ ढली
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
इश्क के चादर में इतना न लपेटिये कि तन्हाई में डूब जाएँ,
इश्क के चादर में इतना न लपेटिये कि तन्हाई में डूब जाएँ,
Chaahat
ज्ञान रहे सब पेल परिंदे,
ज्ञान रहे सब पेल परिंदे,
पंकज परिंदा
एक विचार पर हमेशा गौर कीजियेगा
एक विचार पर हमेशा गौर कीजियेगा
शेखर सिंह
जो मिल ही नही सकता उसकी हम चाहत क्यों करें।
जो मिल ही नही सकता उसकी हम चाहत क्यों करें।
Rj Anand Prajapati
बाहर से लगा रखे ,दिलो पर हमने ताले है।
बाहर से लगा रखे ,दिलो पर हमने ताले है।
Surinder blackpen
क़दर करके क़दर हासिल हुआ करती ज़माने में
क़दर करके क़दर हासिल हुआ करती ज़माने में
आर.एस. 'प्रीतम'
🙅जय जय🙅
🙅जय जय🙅
*प्रणय*
हर तरफ़ घना अँधेरा है।
हर तरफ़ घना अँधेरा है।
Manisha Manjari
* शुभ परिवर्तन *
* शुभ परिवर्तन *
surenderpal vaidya
उलझन !!
उलझन !!
Niharika Verma
Loading...