Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Jul 2016 · 1 min read

लडकियां उदास हो गईं……..

वहशियों का ग्रास हो गईं ,लडकियां उदास हो गईं,
भेडियो की बस्तियां भी ,अब शहर के पास हो गईं|
अपने मन की किससे कहें ,कबतलक यूं घर में रहें,
सड़कें राजधानी की क्यूं गले की फांस हो गईं|

–आर ० सी ० शर्मा “आरसी”

Language: Hindi
1 Comment · 462 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
यही जीवन है ।
यही जीवन है ।
Rohit yadav
होते हम अजनबी तो,ऐसा तो नहीं होता
होते हम अजनबी तो,ऐसा तो नहीं होता
gurudeenverma198
*पाना है अमरत्व अगर तो, जग में सबसे प्यार करो 【मुक्तक】*
*पाना है अमरत्व अगर तो, जग में सबसे प्यार करो 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Shyam Sundar Subramanian
अपने अच्छे कर्मों से अपने व्यक्तित्व को हम इतना निखार लें कि
अपने अच्छे कर्मों से अपने व्यक्तित्व को हम इतना निखार लें कि
Paras Nath Jha
रोटी की ख़ातिर जीना जी
रोटी की ख़ातिर जीना जी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
इंसानियत का एहसास
इंसानियत का एहसास
Dr fauzia Naseem shad
जीभ का कमाल
जीभ का कमाल
विजय कुमार अग्रवाल
💐 Prodigy Love-44💐
💐 Prodigy Love-44💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
शिक्षक
शिक्षक
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
बिन मांगे ही खुदा ने भरपूर दिया है
बिन मांगे ही खुदा ने भरपूर दिया है
हरवंश हृदय
जब किसी व्यक्ति और महिला के अंदर वासना का भूकम्प आता है तो उ
जब किसी व्यक्ति और महिला के अंदर वासना का भूकम्प आता है तो उ
Rj Anand Prajapati
ख्वाबों ने अपना रास्ता बदल लिया है,
ख्वाबों ने अपना रास्ता बदल लिया है,
manjula chauhan
रहे_ ना _रहे _हम सलामत रहे वो,
रहे_ ना _रहे _हम सलामत रहे वो,
कृष्णकांत गुर्जर
किस-किस को समझाओगे
किस-किस को समझाओगे
शिव प्रताप लोधी
"ढिठाई"
Dr. Kishan tandon kranti
"महंगाई"
Slok maurya "umang"
चांद से सवाल
चांद से सवाल
Nanki Patre
* वर्षा ऋतु *
* वर्षा ऋतु *
surenderpal vaidya
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
खूबसूरती
खूबसूरती
RAKESH RAKESH
रै तमसा, तू कब बदलेगी…
रै तमसा, तू कब बदलेगी…
Anand Kumar
जिन्दगी मे एक बेहतरीन व्यक्ति होने के लिए आप मे धैर्य की आवश
जिन्दगी मे एक बेहतरीन व्यक्ति होने के लिए आप मे धैर्य की आवश
पूर्वार्थ
अब कुछ बचा नहीं बिकने को बाजार में
अब कुछ बचा नहीं बिकने को बाजार में
Ashish shukla
23/71.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/71.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मौत के बाज़ार में मारा गया मुझे।
मौत के बाज़ार में मारा गया मुझे।
Phool gufran
मुक्त पुरूष #...वो चला गया.....
मुक्त पुरूष #...वो चला गया.....
Santosh Soni
नारी क्या है
नारी क्या है
Ram Krishan Rastogi
आसमाँ  इतना भी दूर नहीं -
आसमाँ इतना भी दूर नहीं -
Atul "Krishn"
My life's situation
My life's situation
Sukoon
Loading...