Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Nov 2023 · 1 min read

परेशां सोच से

फ़क्त ज़हनी तवाज़ुन से निकलती हैं तदबीरे।
परेशां सोच से कोई मसाइल हल नहीं होता ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
4 Likes · 245 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr fauzia Naseem shad
View all
You may also like:
भज ले भजन
भज ले भजन
Ghanshyam Poddar
हर कस्बे हर मोड़ पर,
हर कस्बे हर मोड़ पर,
sushil sarna
आज जब वाद सब सुलझने लगे...
आज जब वाद सब सुलझने लगे...
डॉ.सीमा अग्रवाल
*किसकी है यह भूमि सब ,किसकी कोठी कार (कुंडलिया)*
*किसकी है यह भूमि सब ,किसकी कोठी कार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
उजड़ें हुए चमन की पहचान हो गये हम ,
उजड़ें हुए चमन की पहचान हो गये हम ,
Phool gufran
दिल में बसाना नहीं चाहता
दिल में बसाना नहीं चाहता
Ramji Tiwari
बढ़ी हैं दूरियाँ दिल की भले हम पास बैठे हों।
बढ़ी हैं दूरियाँ दिल की भले हम पास बैठे हों।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
प्रयास
प्रयास
दीपक नील पदम् { Deepak Kumar Srivastava "Neel Padam" }
**ये गबारा नहीं ‘ग़ज़ल**
**ये गबारा नहीं ‘ग़ज़ल**
Dr Mukesh 'Aseemit'
मैं तुम्हारे बारे में नहीं सोचूँ,
मैं तुम्हारे बारे में नहीं सोचूँ,
Chaahat
फादर्स डे ( Father's Day )
फादर्स डे ( Father's Day )
Atul "Krishn"
बहुत चाहा हमने कि
बहुत चाहा हमने कि
gurudeenverma198
"नन्नता सुंदरता हो गई है ll
पूर्वार्थ
🙅एक सलाह🙅
🙅एक सलाह🙅
*प्रणय*
मनोभाव
मनोभाव
goutam shaw
3371⚘ *पूर्णिका* ⚘
3371⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
लुट गया है मक़ान किश्तों में।
लुट गया है मक़ान किश्तों में।
पंकज परिंदा
"शिक्षक दिवस और मैं"
डॉ. उमेशचन्द्र सिरसवारी
उम्र जो काट रहे हैं तेरी यादों के सहारे,
उम्र जो काट रहे हैं तेरी यादों के सहारे,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
पिता
पिता
krishna waghmare , कवि,लेखक,पेंटर
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
आपकी लिखावट भी यह दर्शा देती है कि आपकी बुद्धिमत्ता क्या है
आपकी लिखावट भी यह दर्शा देती है कि आपकी बुद्धिमत्ता क्या है
Rj Anand Prajapati
57...Mut  qaarib musamman mahzuuf
57...Mut qaarib musamman mahzuuf
sushil yadav
भोगी
भोगी
Sanjay ' शून्य'
जमाना चला गया
जमाना चला गया
Pratibha Pandey
सुबह-सुबह की लालिमा
सुबह-सुबह की लालिमा
Neeraj Agarwal
बात अच्छी है बस अमीरी की,
बात अच्छी है बस अमीरी की,
Dr fauzia Naseem shad
सितमज़रीफी किस्मत की
सितमज़रीफी किस्मत की
Shweta Soni
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता -183 के दोहे
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता -183 के दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
" निशान "
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...