Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Oct 2021 · 1 min read

पचड़ों में पड़ना ही पड़ता है (गीतिका)

पचड़ों में पड़ना ही पड़ता है (गीतिका)
■■■■■■■■■■■■■■■■■
(1)
सौ – सौ पचड़े हैं ,पचड़ों में पड़ना ही पड़ता है
जीवन है कुरुक्षेत्र , युद्ध हर लड़ना ही पड़ता है
(2)
बात ठीक है रहो कमलवत ,जल की बूँद न ठहरे
मगर जगत् की कीचड़ में पड़, सड़ना ही पड़ता है
(3)
आरोहों – अवरोहों को ही तो जीवन कहते हैं
कभी मुलायम कभी प्रश्न पर ,अड़ना ही पड़ता है
(4)
बड़े – बड़े जो हुए सूरमा , मुखर रहे जीवन भर
कभी फ्रेम में फोटो बनकर ,जड़ना ही पड़ता है
(5)
कितना सुंदर हो चटकीला, रंगों से भी शोभित
मगर फूल को एक दिवस तो ,झड़ना ही पड़ता है
●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●
रचयिता : रवि प्रकाश ,बाजार सर्राफा
रामपुर (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99976 15451

218 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all

You may also like these posts

Two scarred souls and the seashore, was it a glorious beginning?
Two scarred souls and the seashore, was it a glorious beginning?
Manisha Manjari
वोट डालने निश्चित जाना
वोट डालने निश्चित जाना
श्रीकृष्ण शुक्ल
#नहीं बदलती तासीर मिट्टी की
#नहीं बदलती तासीर मिट्टी की
वेदप्रकाश लाम्बा लाम्बा जी
आज  उपेक्षित क्यों भला,
आज उपेक्षित क्यों भला,
sushil sarna
दोहे- मोबाइल पर
दोहे- मोबाइल पर
आर.एस. 'प्रीतम'
आप नौसेखिए ही रहेंगे
आप नौसेखिए ही रहेंगे
Lakhan Yadav
प्रश्नों से प्रसन्न होते हो वो समझदार होते।
प्रश्नों से प्रसन्न होते हो वो समझदार होते।
Sanjay ' शून्य'
अज्ञानी की कलम
अज्ञानी की कलम
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
मैं क्या जानूँ
मैं क्या जानूँ
Shweta Soni
सपनों की सच्चाई
सपनों की सच्चाई
श्रीहर्ष आचार्य
नए दौर का भारत
नए दौर का भारत
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
मुंतिजर में (ग़ज़ल)
मुंतिजर में (ग़ज़ल)
Dushyant Kumar Patel
"सियाही"
Dr. Kishan tandon kranti
कोई बाहों में होकर भी दिल से बहुत दूर था,
कोई बाहों में होकर भी दिल से बहुत दूर था,
Ravi Betulwala
आज खुश हे तु इतना, तेरी खुशियों में
आज खुश हे तु इतना, तेरी खुशियों में
Swami Ganganiya
#Dr Arun Kumar shastri
#Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अपनी नज़र में
अपनी नज़र में
Dr fauzia Naseem shad
#पावन बेला प्रातः काल की #
#पावन बेला प्रातः काल की #
rubichetanshukla 781
चाहिए
चाहिए
Punam Pande
World Environmental Day
World Environmental Day
Tushar Jagawat
ನೀನೆಷ್ಟರ ಗಂಡಸು???
ನೀನೆಷ್ಟರ ಗಂಡಸು???
ಗೀಚಕಿ
कदम बढ़े  मदिरा पीने  को मदिरालय द्वार खड़काया
कदम बढ़े मदिरा पीने को मदिरालय द्वार खड़काया
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
हर रात रंगीन बसर करने का शौक़ है उसे,
हर रात रंगीन बसर करने का शौक़ है उसे,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
झोपड़ियों से बांस खींचकर कैसे मैं झंडा लहराऊँ??
झोपड़ियों से बांस खींचकर कैसे मैं झंडा लहराऊँ??
दीपक झा रुद्रा
What is FAMILY?
What is FAMILY?
पूर्वार्थ
सामान्यजन
सामान्यजन
Dr MusafiR BaithA
वज़्न -- 2122 2122 212 अर्कान - फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन बह्र का नाम - बह्रे रमल मुसद्दस महज़ूफ
वज़्न -- 2122 2122 212 अर्कान - फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन बह्र का नाम - बह्रे रमल मुसद्दस महज़ूफ
Neelam Sharma
ईच्छा का त्याग -  राजू गजभिये
ईच्छा का त्याग - राजू गजभिये
Raju Gajbhiye
ଅତିଥି ର ବାସ୍ତବତା
ଅତିଥି ର ବାସ୍ତବତା
Bidyadhar Mantry
Loading...