Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Aug 2024 · 1 min read

देश की आजादी की सुबह

देश की आजादी की सुबह आखें खुली ,
नये नभ मे नई सुबह की नई रोशनी मे ,
नई वायुमण्डल मे नई वायु का प्रवाह मिला ,
नई सोच नई उड़ान भरने का नया अवसर मिला ।

मन मंजिल मे नई विचार, नई ऊर्जा का संचार हुआ ,
नई नीति मे नई नियम का नए रूप का निर्माण हुआ ,
जीवन मे नई ऊर्जा , नई सोच का विकास हुआ ,
काले कानून निर्दयी निरंकुश शासन का अंत हुआ ।

स्वतंत्र कनून, स्वतंत्र जीवन मे जीने का अधिकार मिला ,
गोरे लोगों से लड़ने और हक ज़माने का कानून मिला ,
भारत को नई राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव संसद मे पास हुआ ,
अपना संविधान, अनुच्छेद बनाने का पूर्ण अधिकार मिला ।

देशप्रेम, देशहित मे खुद को समर्पित करने का मौका मिला ,
अपना गान, अपना झंडा अपना सूरज देखने का साहस मिला ,
भारत को सोने की चिड़िया बनाने का नया रास्ता, मार्ग मिला ,
15 अगस्त को आजादी का पर्व मनाने का सम्पूर्ण अधिकार मिला ।

Language: Hindi
1 Like · 75 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बिन बोले ही हो गई, मन  से  मन  की  बात ।
बिन बोले ही हो गई, मन से मन की बात ।
sushil sarna
हुस्न और खूबसूरती से भरे हुए बाजार मिलेंगे
हुस्न और खूबसूरती से भरे हुए बाजार मिलेंगे
शेखर सिंह
बिरसा मुंडा
बिरसा मुंडा
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
मैं कौन हूँ
मैं कौन हूँ
Chaahat
एक ऐसा दोस्त
एक ऐसा दोस्त
Vandna Thakur
रावण जलाने का इरादा लेकर निकला था कल
रावण जलाने का इरादा लेकर निकला था कल
Ranjeet kumar patre
जबसे उनको रकीब माना है।
जबसे उनको रकीब माना है।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
What if...
What if...
R. H. SRIDEVI
*
*"संकटमोचन"*
Shashi kala vyas
कभी शांत कभी नटखट
कभी शांत कभी नटखट
Neelam Sharma
आखिर वो तो जीते हैं जीवन, फिर क्यों नहीं खुश हम जीवन से
आखिर वो तो जीते हैं जीवन, फिर क्यों नहीं खुश हम जीवन से
gurudeenverma198
3444🌷 *पूर्णिका* 🌷
3444🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
हम बात अपनी सादगी से ही रखें ,शालीनता और शिष्टता कलम में हम
हम बात अपनी सादगी से ही रखें ,शालीनता और शिष्टता कलम में हम
DrLakshman Jha Parimal
ज़िंदगी है,
ज़िंदगी है,
पूर्वार्थ
"अल्फाज दिल के "
Yogendra Chaturwedi
कातिल
कातिल
Dr. Kishan tandon kranti
ना तो कला को सम्मान ,
ना तो कला को सम्मान ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
अगर आज मेरे पास भी शोहरत और पैसा होता तो हम भी आज हर किसी की
अगर आज मेरे पास भी शोहरत और पैसा होता तो हम भी आज हर किसी की
Rj Anand Prajapati
आ..भी जाओ मानसून,
आ..भी जाओ मानसून,
goutam shaw
संसार
संसार
Dr. Shakreen Sageer
நீ இல்லை
நீ இல்லை
Otteri Selvakumar
*पृथ्वी दिवस*
*पृथ्वी दिवस*
Madhu Shah
🙅आज का विज्ञापन🙅
🙅आज का विज्ञापन🙅
*प्रणय प्रभात*
बात पते की कहती नानी।
बात पते की कहती नानी।
Vedha Singh
सोलह श्राद्ध
सोलह श्राद्ध
Kavita Chouhan
ज़िंदगी
ज़िंदगी
Dr. Rajeev Jain
मैं नारी हूं, स्पर्श जानती हूं मैं
मैं नारी हूं, स्पर्श जानती हूं मैं
Pramila sultan
मन हमेशा एक यात्रा में रहा
मन हमेशा एक यात्रा में रहा
Rituraj shivem verma
*क्या हाल-चाल हैं ? (हास्य व्यंग्य)*
*क्या हाल-चाल हैं ? (हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
जीनी है अगर जिन्दगी
जीनी है अगर जिन्दगी
Mangilal 713
Loading...