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29 Jul 2018 · 1 min read

गगन

गगन घन कीओढ़ ली ओढ़नी।
नाच उठा मन बनके मोरनी।
लूट लिया सभी चैन दिलों का-
बारिश है या दिल की चोरनी।
-लक्ष्मी सिंह

Language: Hindi
144 Views
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