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3 Aug 2020 · 1 min read

कीच -गंद मन में भरी

जपते ऐसे मंत्र वो, रोज सुबह औ’ शाम।
कीच -गंद मन में भरी, और जुबाँ पे राम।।

प्रियंका सौरभ
स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार,

Language: Hindi
3 Likes · 1 Comment · 275 Views
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