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अछूत के शिकायत

मरते जाता
देश बाकिर
भगवान नइखन आवत!
भगतन के
तारे खातिर
कवनो काम नइखन आवत!!
हक़ मारके
गरीबन के
बनल केतना उनकर मंदिर!
डूबे जाता
उनकर आख़िर
सगरी नाम नइखन आवत!!

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