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22 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-509💐

अंजुमन-ए-‘इश्क़ की वो हर बात रह गई,
वास्ते उनके इक मुख़्तसर मुलाक़ात रह गई,
किसी रोज़ मिलेंगे इक टूटे सितारे की तरह,
चन्द ख़ुसूसी सवालों की सवालात रह गई।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
44 Views
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