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30 Jun 2023 · 1 min read

🏛️ *दालान* 🏛️

🏛️ दालान 🏛️

इतिहास की यातनायें हो
या हो भावी मूरत।
सरगम सी बारिश की बूंदें
दालान पर बैठा फ़ुर्सत।।
🏛️
चिथड़े पड़े लिखते थे अतीत
चाय की चुस्कियाँ लेते।
पैरों की छाले गिनते
असफलता की चादर लपेटे।।
🏛️
कोई साज छेड़े महजबी
कहीं खाट बुनती दिखी।
कहीं दरख्तो पे रंग चढ़े
सुनाते बूढ़े कहीं आपबीती।
🏛️
पत्तो के खेल निराले
भोर से बैठा शाम ढले
इश्क की शय -मात में
बेचैन पड़ा वो दिलजले
🏛️
रंग बिरंगे कहीं गलीचे
कहीं गोबर से लीपे पुते
कहीं दिलकश कारीगरी
कहीं सरगम के ताल अधूरे
🏛️
किलकारियाँ गूँजे हैं कभी
कभी रस्मो से सजा दालान।
“इन्द्र ” नियति की शाल ओढ़े
हर मौसम में सजा दालान।।
🏛️
🔥सुरेश अजगल्ले” इन्द्र”🔥

खरौद

Language: Hindi
1 Like · 323 Views
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