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30 Nov 2022 · 1 min read

🌻🌻अन्यानां जनानां हितं🌻🌻

गृहस्थआश्रमे स्वार्थस्य त्याग: कृत्वा अन्यानां जनानां हितं करणेन परस्परं प्रेम बर्द्धिष्यते।मोहस्य बन्धनं संसारे बन्धनं करोति।प्रेमस्य बन्धनं मुक्त: करोति।
अधुना संसारे अन्यानां जनानां दुःखस्य दानं न करणं पुण्य:।

©®अभिषेक: पाराशरः

Language: Sanskrit
Tag: लेख
50 Views
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