Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Aug 2022 · 1 min read

✍️हम अहल-ए-वतन✍️

✍️हम अहल-ए-वतन✍️
…………………………………………………//
कौन चाहता है ज़मी पे शोर शराबा हो
हम अहल-ए-वतन में ये खूनखराबा हो

गर ज़ियारत करके वो मिले तो ढूँढ लो..!
किसने कहाँ के काशी में भी काबा हो

ये मंदिर मस्जिद तो है इस हँसीन जहाँ में
कश्मकश में कही इंसानियत ना तबाह हो

खिज़ा का कोई मौसम अब ख़ुश्क है यहाँ..!
बागबाँ नहीं चाहता मुश्किल में खियाबा हो

इँसा वो बे-नज़ीर है जो इँसा की तासीर है
वतन के खातिर इँसा का क़ुर्बान जज्बा हो
………………………………………………………//
✍️”अशांत”शेखर✍️
25/08/2022

Language: Hindi
5 Likes · 9 Comments · 239 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सिंह सोया हो या जागा हो,
सिंह सोया हो या जागा हो,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*आबादी कैसे रुके, आओ करें विचार (कुंडलिया)*
*आबादी कैसे रुके, आओ करें विचार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
ले चल साजन
ले चल साजन
Lekh Raj Chauhan
■ परम् स्वतंत्र न सिर पर कोऊ। हर नियम-विधान, लोक-लाज, मूल्य
■ परम् स्वतंत्र न सिर पर कोऊ। हर नियम-विधान, लोक-लाज, मूल्य
*Author प्रणय प्रभात*
2542.पूर्णिका
2542.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
एक सही आदमी ही अपनी
एक सही आदमी ही अपनी
Ranjeet kumar patre
इस आकाश में अनगिनत तारे हैं
इस आकाश में अनगिनत तारे हैं
Sonam Puneet Dubey
दान किसे
दान किसे
Sanjay ' शून्य'
*रे इन्सा क्यों करता तकरार* मानव मानव भाई भाई,
*रे इन्सा क्यों करता तकरार* मानव मानव भाई भाई,
Dushyant Kumar
याद तुम्हारी......।
याद तुम्हारी......।
Awadhesh Kumar Singh
*खादिम*
*खादिम*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"देश भक्ति गीत"
Slok maurya "umang"
...........
...........
शेखर सिंह
इंसान
इंसान
Vandna thakur
ज़माने भर को हर हाल में हंसाने का हुनर है जिसके पास।
ज़माने भर को हर हाल में हंसाने का हुनर है जिसके पास।
शिव प्रताप लोधी
** बहुत दूर **
** बहुत दूर **
surenderpal vaidya
तेरी ख़ुशबू
तेरी ख़ुशबू
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
नेक मनाओ
नेक मनाओ
Ghanshyam Poddar
रंजीत शुक्ल
रंजीत शुक्ल
Ranjeet Kumar Shukla
मन को जो भी जीत सकेंगे
मन को जो भी जीत सकेंगे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बँटवारे का दर्द
बँटवारे का दर्द
मनोज कर्ण
"" *एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य* "" ( *वसुधैव कुटुंबकम्* )
सुनीलानंद महंत
पर्यावरण-संरक्षण
पर्यावरण-संरक्षण
Kanchan Khanna
"परिवर्तन के कारक"
Dr. Kishan tandon kranti
कर्म ही है श्रेष्ठ
कर्म ही है श्रेष्ठ
Sandeep Pande
गूँगी गुड़िया ...
गूँगी गुड़िया ...
sushil sarna
खो गयी हर इक तरावट,
खो गयी हर इक तरावट,
Prashant mishra (प्रशान्त मिश्रा मन)
गले लगाना पड़ता है
गले लगाना पड़ता है
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
मानव हो मानवता धरो
मानव हो मानवता धरो
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
प्रथम गणेशोत्सव
प्रथम गणेशोत्सव
Raju Gajbhiye
Loading...