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19 Nov 2022 · 1 min read

✍️गहरी साजिशें

कभी मेरे कंधों पर चढ़कर
वो छूना चाहते थे आसमाँ को..

ये साजिशें देखो उनकी गहरी
मुझे ही गिरा रहे है मेरी ज़मी पे..
………………………………………………//
©✍️’अशांत’ शेखर
19/11/2022

Language: Hindi
1 Like · 137 Views
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