Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Dec 2022 · 1 min read

■ चर्चित कविता का नया संस्करण

#न्यू_वर्ज़न
■ कलम आज उनकी जय बोल…!
【प्रणय प्रभात】
“कलम आज उनकी जय बोल।
कलम आज उनकी जय बोल।
जिनके बलबूते कर पाए,
बिना बॉल के गोल।।
कलम आज उनकी जय बोल।
कलम आज उनकी जय बोल।।

◆ जिनका अच्छा ख़ासा क़द हो।
और मलाई वाला पद हो।
तिकड़म की चाबी से ताला,
किस्मत का दें पल में खोल।
क़लम आज उनकी जय बोल।।

◆ स्वयंभू साकार ईश हों।
अपने मठ के मठाधीश हों।
हाथ बढा कर लपक अटैची।
उनके पीछे-पीछे डोल।
क़लम आज उनकी जय बोल।।

◆ जिनको नौटंकी आती हो।
चरण वन्दना ही भाती हो।
चाट मलाई बांटें खुरचन।
चना चबेना रोटी झोल।
क़लम आज उनकी जय बोल।।
【राष्ट्रकवि रामधारी सिंह “दिनकर’ जी जी एक चर्चित व्यंग्य कविता का यह नया संस्करण सतत विस्तार की संभावनाओं से भरपूर है। श्रद्धेय दिनकर जी की दिव्य आत्मा से अग्रिम क्षमा याचना के साथ】

Language: Hindi
1 Like · 204 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गुहार
गुहार
Sonam Puneet Dubey
🙅क्षणिका🙅
🙅क्षणिका🙅
*प्रणय प्रभात*
" पाती जो है प्रीत की "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
*पैसे-वालों में दिखा, महा घमंडी रोग (कुंडलिया)*
*पैसे-वालों में दिखा, महा घमंडी रोग (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
We can rock together!!
We can rock together!!
Rachana
हर एक भाषण में दलीलें लाखों होती है
हर एक भाषण में दलीलें लाखों होती है
कवि दीपक बवेजा
बहारें तो आज भी आती हैं
बहारें तो आज भी आती हैं
Ritu Asooja
मैं अपनी आँख का ऐसा कोई एक ख्वाब हो जाऊँ
मैं अपनी आँख का ऐसा कोई एक ख्वाब हो जाऊँ
Shweta Soni
जीने दो मुझे अपने वसूलों पर
जीने दो मुझे अपने वसूलों पर
goutam shaw
सुनील गावस्कर
सुनील गावस्कर
Dr. Pradeep Kumar Sharma
वक्त बर्बाद करने वाले को एक दिन वक्त बर्बाद करके छोड़ता है।
वक्त बर्बाद करने वाले को एक दिन वक्त बर्बाद करके छोड़ता है।
Paras Nath Jha
हमने भी ज़िंदगी को
हमने भी ज़िंदगी को
Dr fauzia Naseem shad
इन आँखों में इतनी सी नमी रह गई।
इन आँखों में इतनी सी नमी रह गई।
लक्ष्मी सिंह
कैसे भूले हिंदुस्तान ?
कैसे भूले हिंदुस्तान ?
Mukta Rashmi
वो मुझे पास लाना नही चाहता
वो मुझे पास लाना नही चाहता
कृष्णकांत गुर्जर
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
The_dk_poetry
जो वक्त से आगे चलते हैं, अक्सर लोग उनके पीछे चलते हैं।।
जो वक्त से आगे चलते हैं, अक्सर लोग उनके पीछे चलते हैं।।
Lokesh Sharma
जिंदगी की राह में हर कोई,
जिंदगी की राह में हर कोई,
Yogendra Chaturwedi
2819. *पूर्णिका*
2819. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"सफलता"
Dr. Kishan tandon kranti
परम्परा को मत छोडो
परम्परा को मत छोडो
Dinesh Kumar Gangwar
दो अक्षर में कैसे बतला दूँ
दो अक्षर में कैसे बतला दूँ
Harminder Kaur
भारत को आखिर फूटबौळ क्यों बना दिया ? ना पड़ोसियों के गोल पोस
भारत को आखिर फूटबौळ क्यों बना दिया ? ना पड़ोसियों के गोल पोस
DrLakshman Jha Parimal
बंटते हिन्दू बंटता देश
बंटते हिन्दू बंटता देश
विजय कुमार अग्रवाल
सब गोलमाल है
सब गोलमाल है
Dr Mukesh 'Aseemit'
जागृति
जागृति
Shyam Sundar Subramanian
Right now I'm quite notorious ,
Right now I'm quite notorious ,
Sukoon
विवेक
विवेक
Sidhartha Mishra
तेरी याद आती है
तेरी याद आती है
Akash Yadav
मेरी जिंदगी में जख्म लिखे हैं बहुत
मेरी जिंदगी में जख्म लिखे हैं बहुत
Dr. Man Mohan Krishna
Loading...