Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Feb 2024 · 1 min read

ఇదే నా భారత దేశం.

భారత దేశం ఒక దేవాలయం
భారత దేశం ఒక సాంస్కృతిక ప్రదేశం
భారత దేశం ఒక వీరుల ప్రదేశం
భారత దేశం ఒక శాంతి ప్రదేశం
భారత దేశం ఒక ప్రేమ ప్రదేశం.
భారత దేశం ఒక సువర్ణ ప్రదేశం.
భారత దేశం ఒక శక్తి ప్రదేశం.
భారత దేశం ఒక జ్ఞాన ప్రదేశం.
భారత దేశం ఒక ధ్యాన ప్రదేశం.
భారత దేశం ఒక ధన్య ప్రదేశం.
భారత దేశం ఒక అమృత ప్రదేశం.

ఇదే నా భారత దేశం.
ఒక అందమైన ప్రదేశం.

రచన
డా. గుండాల విజయ కుమార్

64 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
💐प्रेम कौतुक-551💐
💐प्रेम कौतुक-551💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भरोसा
भरोसा
Paras Nath Jha
काम से राम के ओर।
काम से राम के ओर।
Acharya Rama Nand Mandal
GOD BLESS EVERYONE
GOD BLESS EVERYONE
Baldev Chauhan
दीवाली
दीवाली
Mukesh Kumar Sonkar
"व्यर्थ सलाह "
Yogendra Chaturwedi
विषय तरंग
विषय तरंग
DR ARUN KUMAR SHASTRI
आज वक्त हूं खराब
आज वक्त हूं खराब
साहित्य गौरव
दोहे
दोहे
अशोक कुमार ढोरिया
कविता-हमने देखा है
कविता-हमने देखा है
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
"ताले चाबी सा रखो,
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
गीता जयंती
गीता जयंती
Satish Srijan
जिंदगी की कहानी लिखने में
जिंदगी की कहानी लिखने में
Shweta Soni
हे अयोध्या नाथ
हे अयोध्या नाथ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
अपना-अपना भाग्य
अपना-अपना भाग्य
Indu Singh
जो गिर गिर कर उठ जाते है, जो मुश्किल से न घबराते है,
जो गिर गिर कर उठ जाते है, जो मुश्किल से न घबराते है,
अनूप अम्बर
Change is hard at first, messy in the middle, gorgeous at th
Change is hard at first, messy in the middle, gorgeous at th
पूर्वार्थ
सुप्त तरुण निज मातृभूमि को हीन बनाकर के विभेद दें।
सुप्त तरुण निज मातृभूमि को हीन बनाकर के विभेद दें।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
एक समय के बाद
एक समय के बाद
हिमांशु Kulshrestha
समय
समय
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कुछ एक आशू, कुछ एक आखों में होगा,
कुछ एक आशू, कुछ एक आखों में होगा,
goutam shaw
परिवार होना चाहिए
परिवार होना चाहिए
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
प्रेमचंद ने ’जीवन में घृणा का महत्व’ लिखकर बताया कि क्यों हम
प्रेमचंद ने ’जीवन में घृणा का महत्व’ लिखकर बताया कि क्यों हम
Dr MusafiR BaithA
#क़तआ (मुक्तक)
#क़तआ (मुक्तक)
*Author प्रणय प्रभात*
मुख अटल मधुरता, श्रेष्ठ सृजनता, मुदित मधुर मुस्कान।
मुख अटल मधुरता, श्रेष्ठ सृजनता, मुदित मधुर मुस्कान।
रेखा कापसे
भारत का लाल
भारत का लाल
Aman Sinha
2381.पूर्णिका
2381.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*गाई गाथा राम की, तुलसी कविकुल-भूप (कुंडलिया)*
*गाई गाथा राम की, तुलसी कविकुल-भूप (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
ठंडक
ठंडक
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
Loading...