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17 Jul 2023 · 1 min read

ਕਦਮਾਂ ਦੇ ਨਿਸ਼ਾਨ

ਛੱਡ ਗਿਐ ਦਿਲ ਤੇ ਕਦਮਾਂ ਦੇ ਨਿਸ਼ਾਨ।
ਬਸ ਇਹਨੂੰ ਵੇਖੀ ਜਾਣ ਮੇਰੇ ਅਰਮਾਨ।

ਕਿੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਬਹਿ ਗਿਉ ,ਬੋਲਦਾ ਕਿਉ ਨਹੀ,
ਕਿੱਥੇ ਗਈ ਹੁਣ ਤੇਰੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚੋ ਏ ਜ਼ਬਾਨ।

ਵੱਸਦਾ ਹੋਵੇਗਾ ਤੂੰ ਤੇ ਹਾਸੇ ਖੇੜਿਆ ਦੇ ਵਿੱਚ,
ਬੱਸ ਸਾਡੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਕਰ ਗਿਆ ਏ ਵੀਰਾਨ।

ਹਿਜ਼ਰਾ ਦੇ ਕੰਡੇ ਅਸੀ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਚੁੱਗ ਲਏ,
ਫੜ ਹੀ ਹੋਇਆ ਫਿਰ ਹੋਰ ਕੋਈ ਵੀ ਸਮਾਨ।

ਮਹਿਕਦੀ ਰਹੇ ਸ਼ਾਲਾ ਤੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵੇ ਤੇਰੀ।
ਸਾਡੀ ਤੇ ਬਣਾ ਗਿਆ ਜਾਂਦੇ ਜਾਂਦੇ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨ।

Language: Punjabi
126 Views
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