Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Oct 2023 · 1 min read

।। निरर्थक शिकायतें ।।

।। निरर्थक शिकायतें ।।
_________________________
स्थितियां हमारे अनुकूल नहीं है, कोई हमारी सहायता नहीं करता, हमें अवसर नहीं मिलता आदि शिकायतें आपके मनुष्य होने के उपरांत पूर्णतः निरर्थक है ।

92 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सफलता और सुख  का मापदण्ड स्वयं निर्धारित करनांआवश्यक है वरना
सफलता और सुख का मापदण्ड स्वयं निर्धारित करनांआवश्यक है वरना
Leena Anand
मासूमियत की हत्या से आहत
मासूमियत की हत्या से आहत
Sanjay ' शून्य'
महफ़िल जो आए
महफ़िल जो आए
हिमांशु Kulshrestha
दोस्त
दोस्त
Neeraj Agarwal
वोटर की पॉलिटिक्स
वोटर की पॉलिटिक्स
Dr. Pradeep Kumar Sharma
■ हास्यप्रदV सच
■ हास्यप्रदV सच
*Author प्रणय प्रभात*
अच्छा स्वस्थ स्वच्छ विचार ही आपको आत्मनिर्भर बनाते है।
अच्छा स्वस्थ स्वच्छ विचार ही आपको आत्मनिर्भर बनाते है।
Rj Anand Prajapati
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
वो सब खुश नसीब है
वो सब खुश नसीब है
शिव प्रताप लोधी
अब यह अफवाह कौन फैला रहा कि मुगलों का इतिहास इसलिए हटाया गया
अब यह अफवाह कौन फैला रहा कि मुगलों का इतिहास इसलिए हटाया गया
शेखर सिंह
अपनी नज़र में
अपनी नज़र में
Dr fauzia Naseem shad
दिखावा कि कुछ हुआ ही नहीं
दिखावा कि कुछ हुआ ही नहीं
पूर्वार्थ
चोर
चोर
Shyam Sundar Subramanian
3182.*पूर्णिका*
3182.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Lamhon ki ek kitab hain jindagi ,sanso aur khayalo ka hisab
Lamhon ki ek kitab hain jindagi ,sanso aur khayalo ka hisab
Sampada
सिंदूरी इस भोर ने, किरदार नया फ़िर मिला दिया ।
सिंदूरी इस भोर ने, किरदार नया फ़िर मिला दिया ।
Manisha Manjari
बंदिशें
बंदिशें
Kumud Srivastava
मुक्तक - जिन्दगी
मुक्तक - जिन्दगी
sushil sarna
*** मुफ़लिसी ***
*** मुफ़लिसी ***
Chunnu Lal Gupta
वही है जो इक इश्क़ को दो जिस्म में करता है।
वही है जो इक इश्क़ को दो जिस्म में करता है।
Monika Verma
हाँ ये सच है
हाँ ये सच है
Saraswati Bajpai
शिक्षा दान
शिक्षा दान
Paras Nath Jha
साहित्य सत्य और न्याय का मार्ग प्रशस्त करता है।
साहित्य सत्य और न्याय का मार्ग प्रशस्त करता है।
पंकज कुमार कर्ण
"प्रेम की अनुभूति"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
खिलाड़ी
खिलाड़ी
महेश कुमार (हरियाणवी)
मारी थी कभी कुल्हाड़ी अपने ही पांव पर ,
मारी थी कभी कुल्हाड़ी अपने ही पांव पर ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
दूसरों के कर्तव्यों का बोध कराने
दूसरों के कर्तव्यों का बोध कराने
Dr.Rashmi Mishra
"बदलते रसरंग"
Dr. Kishan tandon kranti
सद्विचार
सद्विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
गीत
गीत
Kanchan Khanna
Loading...