Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Jan 2017 · 1 min read

ज़िंदगी तो है…

ज़िंदगी तो है पर यहाँ साथ में ही ये गम क्यो है ,
हरपल यहाँ खुश,तो आँख उसकी नम क्यों है।

हार जाता है अक्सर यहाँ सच रहेता तन्हा यूँ
जूठ के ही पाँव में इस तरहा संग दम क्यों है।

जिसने भी यूँ कभी जो यूं निभाई ता-उम्र वफ़ा,
और उससे ही रहेता दूर उसका सनम क्यों है।

भूल जाते है अगर वो ही हमसे दूर जा कर,
तो यहाँ गमे -इंतज़ार में ही खड़े हम क्यों है।

सोच तो वो भी कुछ अलग रहा है हम से,
दिल फिर उसी शख्स का हूँआ हमदम क्यों है।

– मनीषा जोबन देसाई

1 Like · 1 Comment · 242 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
#लघुकथा / #नक़ाब
#लघुकथा / #नक़ाब
*प्रणय प्रभात*
#Dr Arun Kumar shastri
#Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
लक्ष्य जितना बड़ा होगा उपलब्धि भी उतनी बड़ी होगी।
लक्ष्य जितना बड़ा होगा उपलब्धि भी उतनी बड़ी होगी।
Paras Nath Jha
पर्यावरण
पर्यावरण
Neeraj Mishra " नीर "
उपहार
उपहार
Dr. Pradeep Kumar Sharma
जब मैं तुमसे प्रश्न करूँगा,
जब मैं तुमसे प्रश्न करूँगा,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
प्रेम पथ का एक रोड़ा 🛣️🌵🌬️
प्रेम पथ का एक रोड़ा 🛣️🌵🌬️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
हे कलम तुम कवि के मन का विचार लिखो।
हे कलम तुम कवि के मन का विचार लिखो।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
भीड़ में हाथ छोड़ दिया....
भीड़ में हाथ छोड़ दिया....
Kavita Chouhan
महापुरुषों की मूर्तियां बनाना व पुजना उतना जरुरी नहीं है,
महापुरुषों की मूर्तियां बनाना व पुजना उतना जरुरी नहीं है,
शेखर सिंह
हकीकत उनमें नहीं कुछ
हकीकत उनमें नहीं कुछ
gurudeenverma198
प्यार के मायने
प्यार के मायने
SHAMA PARVEEN
पैसा होय न जेब में,
पैसा होय न जेब में,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
जन मन में हो उत्कट चाह
जन मन में हो उत्कट चाह
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
कविता
कविता
Dr.Priya Soni Khare
श्री गणेश वंदना
श्री गणेश वंदना
Kumud Srivastava
बारिश की संध्या
बारिश की संध्या
महेश चन्द्र त्रिपाठी
दिल में बसाना नहीं चाहता
दिल में बसाना नहीं चाहता
Ramji Tiwari
"सुप्रभात"
Yogendra Chaturwedi
2330.पूर्णिका
2330.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
पश्चाताप का खजाना
पश्चाताप का खजाना
अशोक कुमार ढोरिया
🏞️प्रकृति 🏞️
🏞️प्रकृति 🏞️
Vandna thakur
मां का महत्त्व
मां का महत्त्व
Mangilal 713
सच हमारे जीवन के नक्षत्र होते हैं।
सच हमारे जीवन के नक्षत्र होते हैं।
Neeraj Agarwal
मैं ढूंढता हूं जिसे
मैं ढूंढता हूं जिसे
Surinder blackpen
*सत्य की खोज*
*सत्य की खोज*
Dr .Shweta sood 'Madhu'
सफलता
सफलता
Babli Jha
आखिर क्या है दुनिया
आखिर क्या है दुनिया
Dr. Kishan tandon kranti
तीन सौ वर्ष की आयु  : आश्चर्यजनक किंतु सत्य
तीन सौ वर्ष की आयु : आश्चर्यजनक किंतु सत्य
Ravi Prakash
THE SUN
THE SUN
SURYA PRAKASH SHARMA
Loading...