Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Sep 29, 2016 · 1 min read

ग़ज़ल ”……..पुरानी दास्ताँ जो दरमियाँ..”

——————————————
ग़लतफ़हमी हार जायेगी मियाँ
दोस्ती जीतेगी सारी बाजियाँ।

उन तलक फिर भी गयी न बात वो
थी पुरानी दास्ताँ जो दरमियाँ

मिल गया होता खुदा गर आज तो
कह नहीं पाता चंद फ़क़त अर्जियाँ

रो रहा हूँ शाम से सुबहो तलक
दे रही है हौसला अफजाईयाँ

गो सुकूँ ऐसा मरहम लगा दिया
उफ़ जवानी की ज़ख्मी गुस्ताखियाँ

ये जवाब सवाल का उसने दिया
चुप रही है बहुत सी मजबूरियाँ

इक झलक से शांत हो जाता बंटी
है नसीबन हाय मुकर्रर दूरियाँ
———————————–
रजिंदर सिंह ”छाबड़ा ”

159 Views
You may also like:
रे बाबा कितना मुश्किल है गाड़ी चलाना
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
दिल तड़फ रहा हैं तुमसे बात करने को
Krishan Singh
✍️तो ऐसा नहीं होता✍️
"अशांत" शेखर
तिश्ना तिश्ना सा है आज नफ्स मेरा।
Taj Mohammad
इन्सानियत ज़िंदा है
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
*चाची जी श्रीमती लक्ष्मी देवी : स्मृति*
Ravi Prakash
फिर एक समस्या
डॉ एल के मिश्र
भ्रम है पाला
Dr. Alpa H. Amin
नई जिंदगानी
AMRESH KUMAR VERMA
खता क्या हुई मुझसे
Krishan Singh
समय..
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
सुख दुख
Rakesh Pathak Kathara
माँ
सूर्यकांत द्विवेदी
मुफ्तखोरी की हुजूर हद हो गई है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
【31】*!* तूफानों से क्यों झुकना *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
रस्सियाँ पानी की (पुस्तक समीक्षा)
Ravi Prakash
मौसम बदल रहा है
अनामिका सिंह
मेरे पिता
Ram Krishan Rastogi
हम उन्हें कितना भी मनाले
D.k Math
जोकर vs कठपुतली ~03
bhandari lokesh
सुभाष चंद्र बोस
अनामिका सिंह
होना सभी का हिसाब है।
Taj Mohammad
हे परम पिता परमेश्वर, जग को बनाने वाले
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
बरसात में साजन और सजनी
Ram Krishan Rastogi
प्रीतम दोहावली
आर.एस. 'प्रीतम'
नदी की पपड़ी उखड़ी / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
ए. और. ये , पंचमाक्षर , अनुस्वार / अनुनासिक ,...
Subhash Singhai
लोभ का जमाना
AMRESH KUMAR VERMA
🥗फीका 💦 त्यौहार💥 (नाट्य रूपांतरण)
पाण्डेय चिदानन्द
राफेल विमान
jaswant Lakhara
Loading...