Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Feb 2023 · 1 min read

होकर मजबूर हमको यार

होकर मजबूर हमको यार, ऐसा करना पड़ा।
तुम्हारे लिए हमको, अपना दिल बदलना पड़ा।।
तुम्हारे लिए हमको यार—————-।।

हो गया था हमको अहसास, प्यार तुमको है किससे।
वैसे हमको भी कभी भी, नहीं मिली मोहब्बत तुमसे।।
नहीं मिलती इज्जत हमको, बेवफा बनना पड़ा।
होकर मजबूर हमको यार——————।।

कम से कम तेरे लिए तो,नहीं था पाप मेरे मन में
सींच रहा था अपने खूं से, यह तुम्हारा चमन मैं।।
आजीज होकर फिर हमको, बेरहम बनना पड़ा।
होकर मजबूर हमको यार——————।।

हमने इंतजार किया कि, बदलोगे तुम कभी आदत।
छोड़ोगे तुम बदतमीजी, और हमसे अपनी नफरत।।
छोड़कर हमको भी शर्म, रिश्ता तुमसे तोड़ना पड़ा।
होकर मजबूर हमको यार——————-।।

शिक्षक एवं साहित्यकार-
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Language: Hindi
Tag: गीत
142 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तसव्वुर
तसव्वुर
Shyam Sundar Subramanian
किसने कहा, ज़िन्दगी आंसुओं में हीं कट जायेगी।
किसने कहा, ज़िन्दगी आंसुओं में हीं कट जायेगी।
Manisha Manjari
झुर्रियों तक इश्क़
झुर्रियों तक इश्क़
Surinder blackpen
■ जम्हूरियत के जमूरे...
■ जम्हूरियत के जमूरे...
*Author प्रणय प्रभात*
बालगीत - सर्दी आई
बालगीत - सर्दी आई
Kanchan Khanna
खिलेंगे फूल राहों में
खिलेंगे फूल राहों में
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
* ऋतुराज *
* ऋतुराज *
surenderpal vaidya
आनंद
आनंद
RAKESH RAKESH
हर एक चेहरा निहारता
हर एक चेहरा निहारता
goutam shaw
जिंदगी
जिंदगी
Bodhisatva kastooriya
धार्मिक सौहार्द एवम मानव सेवा के अद्भुत मिसाल सौहार्द शिरोमणि संत श्री सौरभ
धार्मिक सौहार्द एवम मानव सेवा के अद्भुत मिसाल सौहार्द शिरोमणि संत श्री सौरभ
World News
23/133.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/133.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
फिदरत
फिदरत
Swami Ganganiya
छोड़ चली तू छोड़ चली
छोड़ चली तू छोड़ चली
gurudeenverma198
मेरा दुश्मन
मेरा दुश्मन
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
वाणी और पाणी का उपयोग संभल कर करना चाहिए...
वाणी और पाणी का उपयोग संभल कर करना चाहिए...
Radhakishan R. Mundhra
परिश्रम
परिश्रम
Neeraj Agarwal
भारत की सेना
भारत की सेना
Satish Srijan
छह ऋतु, बारह मास हैं, ग्रीष्म-शरद-बरसात
छह ऋतु, बारह मास हैं, ग्रीष्म-शरद-बरसात
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
'आप ' से ज़ब तुम, तड़ाक,  तूँ  है
'आप ' से ज़ब तुम, तड़ाक, तूँ है
सिद्धार्थ गोरखपुरी
उसने क़ीमत वसूल कर डाली
उसने क़ीमत वसूल कर डाली
Dr fauzia Naseem shad
पुरानी ज़ंजीर
पुरानी ज़ंजीर
Shekhar Chandra Mitra
चिंटू चला बाज़ार | बाल कविता
चिंटू चला बाज़ार | बाल कविता
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
*बीमारी जिसको हुई, उसका बंटाधार (कुंडलिया)*
*बीमारी जिसको हुई, उसका बंटाधार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
स्वप्न ....
स्वप्न ....
sushil sarna
* संस्कार *
* संस्कार *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Shabdo ko adhro par rakh ke dekh
Shabdo ko adhro par rakh ke dekh
Sakshi Tripathi
बाजार आओ तो याद रखो खरीदना क्या है।
बाजार आओ तो याद रखो खरीदना क्या है।
Rajendra Kushwaha
सिर्फ पार्थिव शरीर को ही नहीं बल्कि जो लोग जीते जी मर जाते ह
सिर्फ पार्थिव शरीर को ही नहीं बल्कि जो लोग जीते जी मर जाते ह
पूर्वार्थ
ज़िन्दगी में
ज़िन्दगी में
Santosh Shrivastava
Loading...