Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Jun 2018 · 1 min read

हां नारी हुं मैं

हां नारी हुं मैं,
दुनिया कि बन्धन कि कड़ी हुं मैं,
कहते हैं मेरा कोई अस्तित्व नहीं,
पर,
बिना मेरे यह दुनिया नहीं,
हां नारी हुं मैं,
तुलसी की वह मधुर वाणी हुं मैं,
कृष्णा कि मुरली की धुन हुं मैं,
गंगा कि धारा हुं मैं,
हां मैं नारी हूं,
ममता की मूरत हुं,
तो मृत्यु कि देवी भी मैं,
यम कि बहन तो नारायण की अर्धांगिनी हुं,
विधा, धन दौलत हुं
हां मैं नारी हूं,
कुंती, द्रोपदी, जीजा बाई, रूद्राणी हुं,
लक्ष्मी, मिरा, मैं हि तो सृष्टि रचना करने वाली हुं,
हां, हां मैं नारी हूं
लाज शर्म लुटते दरिंदे मेरे,
फिर कहते औकात में रहो,
इस विश्व कि हर एक बंधन तोङ कर,
जब थाम लुंगी तलवार में,
तब क्या सुधरेंगे यह दरिंदे,
नहीं नहीं ग़म नहीं मुझे अपने होने का,
हां हां मैं नारी हूं,
फुलवारी कि फुलों हुं,
जिसका रस चुस, अकेला छोड़ जाता है
वह स्वार्थि भौंरा,
हां हां मैं नारी हूं,
विश्व जिसे कहता है अबला,
वह मैं सबला नारी हूं,

Language: Hindi
464 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
रहने भी दो यह हमसे मोहब्बत
रहने भी दो यह हमसे मोहब्बत
gurudeenverma198
8) दिया दर्द वो
8) दिया दर्द वो
पूनम झा 'प्रथमा'
"ये लोग"
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
2555.पूर्णिका
2555.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
हे राम,,,,,,,,,सहारा तेरा है।
हे राम,,,,,,,,,सहारा तेरा है।
Sunita Gupta
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
*धन्यवाद*
*धन्यवाद*
Shashi kala vyas
*मूॅंगफली स्वादिष्ट, सर्वजन की यह मेवा (कुंडलिया)*
*मूॅंगफली स्वादिष्ट, सर्वजन की यह मेवा (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
आधुनिक समय में धर्म के आधार लेकर
आधुनिक समय में धर्म के आधार लेकर
पूर्वार्थ
दिल के इक कोने में तुम्हारी यादों को महफूज रक्खा है।
दिल के इक कोने में तुम्हारी यादों को महफूज रक्खा है।
शिव प्रताप लोधी
शासक सत्ता के भूखे हैं
शासक सत्ता के भूखे हैं
DrLakshman Jha Parimal
हिस्सा,,,,
हिस्सा,,,,
Happy sunshine Soni
कम से कम..
कम से कम..
हिमांशु Kulshrestha
"उड़ान"
Dr. Kishan tandon kranti
सोचा ना था ऐसे भी जमाने होंगे
सोचा ना था ऐसे भी जमाने होंगे
Jitendra Chhonkar
धैर्य और साहस
धैर्य और साहस
ओंकार मिश्र
बोल दे जो बोलना है
बोल दे जो बोलना है
Monika Arora
राम- नाम माहात्म्य
राम- नाम माहात्म्य
Dr. Upasana Pandey
सबसे प्यारा सबसे न्यारा मेरा हिंदुस्तान
सबसे प्यारा सबसे न्यारा मेरा हिंदुस्तान
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मित्रता दिवस पर एक खत दोस्तो के नाम
मित्रता दिवस पर एक खत दोस्तो के नाम
Ram Krishan Rastogi
हम क्यूं लिखें
हम क्यूं लिखें
Lovi Mishra
जिन्दगी की पाठशाला
जिन्दगी की पाठशाला
Ashokatv
🙅एक नज़र में🙅
🙅एक नज़र में🙅
*प्रणय प्रभात*
मुस्कानों की बागानों में
मुस्कानों की बागानों में
sushil sarna
और मौन कहीं खो जाता है
और मौन कहीं खो जाता है
Atul "Krishn"
शीत लहर
शीत लहर
Madhu Shah
डॉ अरुण कुमार शास्त्री / drarunkumarshastri
डॉ अरुण कुमार शास्त्री / drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जन्मपत्री / मुसाफ़िर बैठा
जन्मपत्री / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
मेरी जीत की खबर से ऐसे बिलक रहे हैं ।
मेरी जीत की खबर से ऐसे बिलक रहे हैं ।
Phool gufran
Loading...