Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Oct 2022 · 1 min read

हल्लाबोल

सीताएं सुरक्षित नहीं
राम के इस राज में!
हर कोई भयभीत है
वाल्मिकी समाज में!!
काटे जा रहे हैं फिर
शंबूकों के सिर यहां!
जो अभी चुप है वह
क्या करेगा बाद में!!
#media #rights #बेटी_बचाओ
#feminist #SupremeCourt
#Women_Life_Freedom #Police
#JusticeForAllRapeVictims

Language: Hindi
171 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हवन - दीपक नीलपदम्
हवन - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
हिन्दी ग़ज़़लकारों की अंधी रति + रमेशराज
हिन्दी ग़ज़़लकारों की अंधी रति + रमेशराज
कवि रमेशराज
गीत
गीत
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
■ पाठक बचे न श्रोता।
■ पाठक बचे न श्रोता।
*प्रणय प्रभात*
आदतें
आदतें
Sanjay ' शून्य'
अतिथि हूं......
अतिथि हूं......
Ravi Ghayal
"मैं आज़ाद हो गया"
Lohit Tamta
गणपति स्तुति
गणपति स्तुति
Dr Archana Gupta
कौन नहीं है...?
कौन नहीं है...?
Srishty Bansal
वो सांझ
वो सांझ
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
ना जाने क्यों आज वक्त ने हालात बदल
ना जाने क्यों आज वक्त ने हालात बदल
Vishal babu (vishu)
*Broken Chords*
*Broken Chords*
Poonam Matia
सत्य की खोज, कविता
सत्य की खोज, कविता
Mohan Pandey
ब्रांड 'चमार' मचा रहा, चारों तरफ़ धमाल
ब्रांड 'चमार' मचा रहा, चारों तरफ़ धमाल
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
आकुल बसंत!
आकुल बसंत!
Neelam Sharma
प्रकृति में एक अदृश्य शक्ति कार्य कर रही है जो है तुम्हारी स
प्रकृति में एक अदृश्य शक्ति कार्य कर रही है जो है तुम्हारी स
Rj Anand Prajapati
2728.*पूर्णिका*
2728.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जब मैं मर जाऊं तो कफ़न के जगह किताबों में लपेट देना
जब मैं मर जाऊं तो कफ़न के जगह किताबों में लपेट देना
Keshav kishor Kumar
इतनी वफ़ादारी ना कर किसी से मदहोश होकर,
इतनी वफ़ादारी ना कर किसी से मदहोश होकर,
शेखर सिंह
स्वयं अपने चित्रकार बनो
स्वयं अपने चित्रकार बनो
Ritu Asooja
मोह मोह के चाव में
मोह मोह के चाव में
Harminder Kaur
मनुष्य जीवन - एक अनसुलझा यक्ष प्रश्न
मनुष्य जीवन - एक अनसुलझा यक्ष प्रश्न
Shyam Sundar Subramanian
हरियाली के बीच में , माँ का पकड़े हाथ ।
हरियाली के बीच में , माँ का पकड़े हाथ ।
Mahendra Narayan
श्री गणेश का अर्थ
श्री गणेश का अर्थ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मैं तो महज तकदीर हूँ
मैं तो महज तकदीर हूँ
VINOD CHAUHAN
मन में रख विश्वास,
मन में रख विश्वास,
Anant Yadav
आँगन पट गए (गीतिका )
आँगन पट गए (गीतिका )
Ravi Prakash
जंगल ही ना रहे तो फिर सोचो हम क्या हो जाएंगे
जंगल ही ना रहे तो फिर सोचो हम क्या हो जाएंगे
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
अपने वीर जवान
अपने वीर जवान
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
जिंदगी है कि जीने का सुरूर आया ही नहीं
जिंदगी है कि जीने का सुरूर आया ही नहीं
Deepak Baweja
Loading...