Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Feb 2023 · 1 min read

हर रिश्ते में विश्वास रहने दो,

हर रिश्ते में विश्वास रहने दो,
ज़ुबान पर हर वक्त मिठास रहने दो,
यही तो अंदाज है जिंदगी जीने का,
न खुद रहो उदास,
ना दूसरों को उदास रहने दो।

Author- (S.P)

486 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"दलित"
Dr. Kishan tandon kranti
लाश लिए फिरता हूं
लाश लिए फिरता हूं
Ravi Ghayal
नारियां
नारियां
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
बाल कविता : रेल
बाल कविता : रेल
Rajesh Kumar Arjun
सबकी सलाह है यही मुॅंह बंद रखो तुम।
सबकी सलाह है यही मुॅंह बंद रखो तुम।
सत्य कुमार प्रेमी
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
🌹 मैं सो नहीं पाया🌹
🌹 मैं सो नहीं पाया🌹
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
मुर्दा समाज
मुर्दा समाज
Rekha Drolia
खत पढ़कर तू अपने वतन का
खत पढ़कर तू अपने वतन का
gurudeenverma198
* पानी केरा बुदबुदा *
* पानी केरा बुदबुदा *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
शिव स्तुति
शिव स्तुति
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
वैशाख की धूप
वैशाख की धूप
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
ओनिका सेतिया 'अनु '
संगीत
संगीत
Vedha Singh
गीत
गीत
Shiva Awasthi
▫️ मेरी मोहब्बत ▫️
▫️ मेरी मोहब्बत ▫️
Nanki Patre
मेरे ख्याल से जीवन से ऊब जाना भी अच्छी बात है,
मेरे ख्याल से जीवन से ऊब जाना भी अच्छी बात है,
पूर्वार्थ
" एक थी बुआ भतेरी "
Dr Meenu Poonia
महत्वपूर्ण यह नहीं कि अक्सर लोगों को कहते सुना है कि रावण वि
महत्वपूर्ण यह नहीं कि अक्सर लोगों को कहते सुना है कि रावण वि
Jogendar singh
*घर आँगन सूना - सूना सा*
*घर आँगन सूना - सूना सा*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
चुपचाप यूँ ही न सुनती रहो,
चुपचाप यूँ ही न सुनती रहो,
Dr. Man Mohan Krishna
पूछूँगा मैं राम से,
पूछूँगा मैं राम से,
sushil sarna
गोलियों की चल रही बौछार देखो।
गोलियों की चल रही बौछार देखो।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
तिरंगा
तिरंगा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*रामचरितमानस में गूढ़ अध्यात्म-तत्व*
*रामचरितमानस में गूढ़ अध्यात्म-तत्व*
Ravi Prakash
जितना तुझे लिखा गया , पढ़ा गया
जितना तुझे लिखा गया , पढ़ा गया
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
क्यों तुमने?
क्यों तुमने?
Dr. Meenakshi Sharma
■ एक मिसाल...
■ एक मिसाल...
*प्रणय प्रभात*
गुरु तेगबहादुर की शहादत का साक्षी है शीशगंज गुरुद्वारा
गुरु तेगबहादुर की शहादत का साक्षी है शीशगंज गुरुद्वारा
कवि रमेशराज
दीपावली
दीपावली
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
Loading...