Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Aug 2023 · 1 min read

हर रास्ता मुकम्मल हो जरूरी है क्या

हर रास्ता मुकम्मल हो जरूरी है क्या
हम समझौता क्यू करे मजबूरी है क्या

मंजिलों में अभी दूरियां काफी है यार
अभी ये तेयारी तुम्हारी अधुरी है क्या

✍️Deepak saral

1 Like · 136 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आत्मीयकरण-1 +रमेशराज
आत्मीयकरण-1 +रमेशराज
कवि रमेशराज
मुक्तक
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मुस्कान
मुस्कान
Neeraj Agarwal
हिन्दी दोहा शब्द- फूल
हिन्दी दोहा शब्द- फूल
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
एक दिन की बात बड़ी
एक दिन की बात बड़ी
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
जगतगुरु स्वामी रामानंदाचार्य
जगतगुरु स्वामी रामानंदाचार्य
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
स्त्रीलिंग...एक ख़ूबसूरत एहसास
स्त्रीलिंग...एक ख़ूबसूरत एहसास
Mamta Singh Devaa
सफलता का महत्व समझाने को असफलता छलती।
सफलता का महत्व समझाने को असफलता छलती।
Neelam Sharma
खुदा को ढूँढा दैरो -हरम में
खुदा को ढूँढा दैरो -हरम में
shabina. Naaz
शहरों से निकल के देखो एहसास हमें फिर होगा !ताजगी सुंदर हवा क
शहरों से निकल के देखो एहसास हमें फिर होगा !ताजगी सुंदर हवा क
DrLakshman Jha Parimal
मौसम मौसम बदल गया
मौसम मौसम बदल गया
The_dk_poetry
If I were the ocean,
If I were the ocean,
पूर्वार्थ
"बोलती आँखें"
पंकज कुमार कर्ण
सावन में शिव गुणगान
सावन में शिव गुणगान
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
चाँद
चाँद
लक्ष्मी सिंह
19. कहानी
19. कहानी
Rajeev Dutta
💐अज्ञात के प्रति-77💐
💐अज्ञात के प्रति-77💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जिस नारी ने जन्म दिया
जिस नारी ने जन्म दिया
VINOD CHAUHAN
चला आया घुमड़ सावन, नहीं आए मगर साजन।
चला आया घुमड़ सावन, नहीं आए मगर साजन।
डॉ.सीमा अग्रवाल
पंक्षी पिंजरों में पहुँच, दिखते अधिक प्रसन्न ।
पंक्षी पिंजरों में पहुँच, दिखते अधिक प्रसन्न ।
Arvind trivedi
दिल के कोने में
दिल के कोने में
Surinder blackpen
मदर इंडिया
मदर इंडिया
Shekhar Chandra Mitra
इजहार ए इश्क
इजहार ए इश्क
साहित्य गौरव
थोड़ा पैसा कमाने के लिए दूर क्या निकले पास वाले दूर हो गये l
थोड़ा पैसा कमाने के लिए दूर क्या निकले पास वाले दूर हो गये l
Ranjeet kumar patre
इंडियन टाइम
इंडियन टाइम
Dr. Pradeep Kumar Sharma
#अंतिम_उपाय
#अंतिम_उपाय
*Author प्रणय प्रभात*
2566.पूर्णिका
2566.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
यारा ग़म नहीं अब किसी बात का।
यारा ग़म नहीं अब किसी बात का।
rajeev ranjan
*विजय कारगिल की बतलाती, भारत देश महान है (गीत)*
*विजय कारगिल की बतलाती, भारत देश महान है (गीत)*
Ravi Prakash
जो घर जारै आपनो
जो घर जारै आपनो
Dr MusafiR BaithA
Loading...