Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Mar 2024 · 1 min read

हर एक शक्स कहाँ ये बात समझेगा..

हर एक शक्स कहाँ ये बात समझेगा..
जो मेरे मौन को एक आवाज समझेगा

मुद्दतों के बात आया है जिंदगी का हुनर
कोई होगा जो मुझे भी नादान समझेगा

✍️कवि दीपक सरल

43 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
राष्ट्र सेवा के मौनव्रती श्री सुरेश राम भाई
राष्ट्र सेवा के मौनव्रती श्री सुरेश राम भाई
Ravi Prakash
स्याही की मुझे जरूरत नही
स्याही की मुझे जरूरत नही
Aarti sirsat
कभी छोड़ना नहीं तू , यह हाथ मेरा
कभी छोड़ना नहीं तू , यह हाथ मेरा
gurudeenverma198
सूरज दादा ड्यूटी पर
सूरज दादा ड्यूटी पर
डॉ. शिव लहरी
किया आप Tea लवर हो?
किया आप Tea लवर हो?
Urmil Suman(श्री)
*।।ॐ।।*
*।।ॐ।।*
Satyaveer vaishnav
* मिल बढ़ो आगे *
* मिल बढ़ो आगे *
surenderpal vaidya
" मन मेरा डोले कभी-कभी "
Chunnu Lal Gupta
कहां जाके लुकाबों
कहां जाके लुकाबों
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
भारत में सबसे बड़ा व्यापार धर्म का है
भारत में सबसे बड़ा व्यापार धर्म का है
शेखर सिंह
उससे मिलने को कहा देकर के वास्ता
उससे मिलने को कहा देकर के वास्ता
कवि दीपक बवेजा
अमर स्वाधीनता सैनानी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
अमर स्वाधीनता सैनानी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
कवि रमेशराज
नयी सुबह
नयी सुबह
Kanchan Khanna
"याद तुम्हारी आती है"
Dr. Kishan tandon kranti
ना जमीं रखता हूॅ॑ ना आसमान रखता हूॅ॑
ना जमीं रखता हूॅ॑ ना आसमान रखता हूॅ॑
VINOD CHAUHAN
प्रकृति में एक अदृश्य शक्ति कार्य कर रही है जो है तुम्हारी स
प्रकृति में एक अदृश्य शक्ति कार्य कर रही है जो है तुम्हारी स
Rj Anand Prajapati
■सामान संहिता■
■सामान संहिता■
*Author प्रणय प्रभात*
अनमोल जीवन
अनमोल जीवन
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
* सत्य,
* सत्य,"मीठा या कड़वा" *
मनोज कर्ण
हमने तो उड़ान भर ली सूरज को पाने की,
हमने तो उड़ान भर ली सूरज को पाने की,
Vishal babu (vishu)
जाने वाले साल को सलाम ,
जाने वाले साल को सलाम ,
Dr. Man Mohan Krishna
रोशनी का रखना ध्यान विशेष
रोशनी का रखना ध्यान विशेष
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
चंद आंसूओं से भी रौशन होती हैं ये सारी जमीं,
चंद आंसूओं से भी रौशन होती हैं ये सारी जमीं,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
रिश्ता ये प्यार का
रिश्ता ये प्यार का
Mamta Rani
" भूलने में उसे तो ज़माने लगे "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
I lose myself in your love,
I lose myself in your love,
Shweta Chanda
कल्पनाओं की कलम उठे तो, कहानियां स्वयं को रचवातीं हैं।
कल्पनाओं की कलम उठे तो, कहानियां स्वयं को रचवातीं हैं।
Manisha Manjari
*माँ दुर्गा का प्रथम स्वरूप - शैलपुत्री*
*माँ दुर्गा का प्रथम स्वरूप - शैलपुत्री*
Shashi kala vyas
थक गया दिल
थक गया दिल
Dr fauzia Naseem shad
कैसे भूले हिंदुस्तान ?
कैसे भूले हिंदुस्तान ?
Mukta Rashmi
Loading...