Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 May 2024 · 2 min read

हम जिसे प्यार करते हैं उसे शाप नहीं दे सकते

डॉ अरुण कुमार शास्त्री

हम जिसे प्यार करते हैं उसे श्राप नहीं दे सकते,
ऐसा हम सोच सकते है लेकिन होता इसके उलट ही है ।

लगाव जिससे होता है सबसे ज्यादा ।
गालियां भी उसको ही पड़ती है सबसे ज्यादा ।

तुमने क्या सोच लिया कुछ विपरीत अर्थात
उसको माफी मिल जाएगी – अरे नहीं उसकी तो ,
कुटाई भी सबसे ज्यादा की जाएगी ।

स्वार्थ से जुड़े होते हैं रिश्ते , जहां स्वार्थ टूटा रिश्ता लड़खड़ाया ।
और फिर शुरू होगा द्वेष , भेद , दुर्भाव और लांछन ताना आदि ।

लेकिन इस से पहले एक कोशिश होगी प्यार की ।
और नहीं माना तो बंद होगी , बोलचाल भी ।

मेरा क्या सारी दुनिया का ऐसा ही रिवाज है मानो , न मानो ।
क्यूँ तुम्हारा रिश्ता क्या निस्वार्थ है , टूटे या रहे कोई फर्क नहीं होगा ।

अरे माँ , पिता , भाई , बहन , चचा बुआ , सब देख लिए मैंने ।
तुम भी देख लेना फिर बोलना आकार के मैं सत्य बोला ।

हम जिसे प्यार करते हैं उसे श्राप नहीं दे सकते,
ऐसा हम सोच सकते है लेकिन होता इसके उलट ही है ।

लगाव जिससे होता है सबसे ज्यादा ।
गालियां भी उसको ही पड़ती है सबसे ज्यादा ।

ये मृत्यु लोक है कोई देव लोक नहीं , स्वार्थ तो उनमें भी होता है ।
पर उनका स्वार्थ पता नहीं चलता हम मानव है ना ।

हमको ही दोषी ठहराया जाता है सबसे ज्यादा ।

हम जिसे प्यार करते हैं उसे श्राप नहीं दे सकते,
ऐसा हम सोच सकते है लेकिन होता इसके उलट ही है ।

लगाव जिससे होता है सबसे ज्यादा ।
गालियां भी उसको ही पड़ती है सबसे ज्यादा ।

39 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from DR ARUN KUMAR SHASTRI
View all
You may also like:
If you ever need to choose between Love & Career
If you ever need to choose between Love & Career
पूर्वार्थ
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
सहित्य में हमे गहरी रुचि है।
सहित्य में हमे गहरी रुचि है।
Ekta chitrangini
*चाँद कुछ कहना है आज * ( 17 of 25 )
*चाँद कुछ कहना है आज * ( 17 of 25 )
Kshma Urmila
तीन स्थितियाँ [कथाकार-कवि उदयप्रकाश की एक कविता से प्रेरित] / MUSAFIR BAITHA
तीन स्थितियाँ [कथाकार-कवि उदयप्रकाश की एक कविता से प्रेरित] / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
***वारिस हुई***
***वारिस हुई***
Dinesh Kumar Gangwar
प्रेम की तलाश में सिला नही मिला
प्रेम की तलाश में सिला नही मिला
इंजी. संजय श्रीवास्तव
भारत चाँद पर छाया हैं…
भारत चाँद पर छाया हैं…
शांतिलाल सोनी
अब न तुमसे बात होगी...
अब न तुमसे बात होगी...
डॉ.सीमा अग्रवाल
सपने
सपने
Divya kumari
చివరికి మిగిలింది శూన్యమే
చివరికి మిగిలింది శూన్యమే
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
कहानी -
कहानी - "सच्चा भक्त"
Dr Tabassum Jahan
तूझे क़ैद कर रखूं ऐसा मेरी चाहत नहीं है
तूझे क़ैद कर रखूं ऐसा मेरी चाहत नहीं है
Keshav kishor Kumar
माटी में है मां की ममता
माटी में है मां की ममता
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
🙅विज्ञापन जगत🙅
🙅विज्ञापन जगत🙅
*प्रणय प्रभात*
इश्क़ में ज़हर की ज़रूरत नहीं है बे यारा,
इश्क़ में ज़हर की ज़रूरत नहीं है बे यारा,
शेखर सिंह
*पेट-भराऊ भोज, समोसा आलूवाला (कुंडलिया)*
*पेट-भराऊ भोज, समोसा आलूवाला (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
तुम - दीपक नीलपदम्
तुम - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
श्री राम वंदना
श्री राम वंदना
Neeraj Mishra " नीर "
"बिलखती मातृभाषा "
DrLakshman Jha Parimal
सच्चाई ~
सच्चाई ~
दिनेश एल० "जैहिंद"
गंगा अवतरण
गंगा अवतरण
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
चाँद
चाँद
Davina Amar Thakral
-: चंद्रयान का चंद्र मिलन :-
-: चंद्रयान का चंद्र मिलन :-
Parvat Singh Rajput
दूसरा मौका
दूसरा मौका
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
रेल चलय छुक-छुक
रेल चलय छुक-छुक
Dr. Kishan tandon kranti
" क़ैदी विचाराधीन हूँ "
Chunnu Lal Gupta
उन्हें हद पसन्द थीं
उन्हें हद पसन्द थीं
हिमांशु Kulshrestha
वैवाहिक चादर!
वैवाहिक चादर!
कविता झा ‘गीत’
Loading...