Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Aug 2023 · 1 min read

हम कितने चैतन्य

पुरखों के त्याग औ बलिदान
को हमें सदैव रखना है याद
उनके अनथक संघर्ष से हुआ
अपना प्यारा वतन आजाद
स्वतंत्रता दिवस पर अपने
आप से ही पूछिए एक प्रश्न
पुरखों के सपनों को साकार
करने में हम कितने चैतन्य
जाति, मजहब, दल निष्ठा के
कारण पुरखों में क्यों है भेद
क्या सौतेले व्यवहारों से होता
नहीं सामाजिक एका में छेद
राजनीति की कुटिलताओं की
हम सबको करनी होगी पहचान
एक समान भाव से सभी पुरखों
को देना होगा हमें सही सम्मान
ऐसा नहीं किया तो हमें समय
का चक्र नहीं करेगा कभी माफ
विघटनकारी शक्तियों के खेल के
लिए हर तरफ रास्ता होगा साफ
हे ईश्वर मेरे देश के नेताओं को
दीजिए दायित्व का बोध भरपूर
देश की एकता और अखंडता के
लिए वो वैयक्तिक लोभ से रहें दूर

Language: Hindi
250 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
समरथ को नही दोष गोसाई
समरथ को नही दोष गोसाई
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
3122.*पूर्णिका*
3122.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जरूरी नहीं जिसका चेहरा खूबसूरत हो
जरूरी नहीं जिसका चेहरा खूबसूरत हो
Ranjeet kumar patre
आज फिर इन आँखों में आँसू क्यों हैं
आज फिर इन आँखों में आँसू क्यों हैं
VINOD CHAUHAN
यूएफओ के रहस्य का अनावरण एवं उन्नत परालोक सभ्यता की संभावनाओं की खोज
यूएफओ के रहस्य का अनावरण एवं उन्नत परालोक सभ्यता की संभावनाओं की खोज
Shyam Sundar Subramanian
*हे!शारदे*
*हे!शारदे*
Dushyant Kumar
भीड़ में खुद को खो नहीं सकते
भीड़ में खुद को खो नहीं सकते
Dr fauzia Naseem shad
गाँधी जयंती
गाँधी जयंती
Surya Barman
-- नसीहत --
-- नसीहत --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
पापा के वह शब्द..
पापा के वह शब्द..
Harminder Kaur
हमेशा आंखों के समुद्र ही बहाओगे
हमेशा आंखों के समुद्र ही बहाओगे
कवि दीपक बवेजा
कविता
कविता
Shyam Pandey
"कथा" - व्यथा की लिखना - मुश्किल है
Atul "Krishn"
हुलिये के तारीफ़ात से क्या फ़ायदा ?
हुलिये के तारीफ़ात से क्या फ़ायदा ?
ओसमणी साहू 'ओश'
*मेरे दिल में आ जाना*
*मेरे दिल में आ जाना*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
जनाब बस इसी बात का तो गम है कि वक्त बहुत कम है
जनाब बस इसी बात का तो गम है कि वक्त बहुत कम है
Paras Mishra
सावन मंजूषा
सावन मंजूषा
Arti Bhadauria
खिल उठेगा जब बसंत गीत गाने आयेंगे
खिल उठेगा जब बसंत गीत गाने आयेंगे
Er. Sanjay Shrivastava
*चौदह अगस्त को मंथन से,निकला सिर्फ हलाहल था
*चौदह अगस्त को मंथन से,निकला सिर्फ हलाहल था
Ravi Prakash
एक ठंडी हवा का झोंका है बेटी: राकेश देवडे़ बिरसावादी
एक ठंडी हवा का झोंका है बेटी: राकेश देवडे़ बिरसावादी
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
बहुमूल्य जीवन और युवा पीढ़ी
बहुमूल्य जीवन और युवा पीढ़ी
Gaurav Sony
*सत्य की खोज*
*सत्य की खोज*
Dr Shweta sood
धड़कन से धड़कन मिली,
धड़कन से धड़कन मिली,
sushil sarna
तुम मेरी किताबो की तरह हो,
तुम मेरी किताबो की तरह हो,
Vishal babu (vishu)
आज 31 दिसंबर 2023 साल का अंतिम दिन है।ढूंढ रहा हूं खुद को कि
आज 31 दिसंबर 2023 साल का अंतिम दिन है।ढूंढ रहा हूं खुद को कि
पूर्वार्थ
लंगोटिया यारी
लंगोटिया यारी
Sandeep Pande
एक अदद इंसान हूं
एक अदद इंसान हूं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
वक़्त बुरा यूँ बीत रहा है / उर में विरहा गीत रहा है
वक़्त बुरा यूँ बीत रहा है / उर में विरहा गीत रहा है
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
#प्रसंगवश😢
#प्रसंगवश😢
*Author प्रणय प्रभात*
दिल के कोने में
दिल के कोने में
Surinder blackpen
Loading...