Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Nov 2023 · 1 min read

हज़ारों चाहने वाले निभाए एक मिल जाए

हज़ारों चाहने वाले निभाए एक मिल जाए
लगा सीने से ख़ुशबू गुल ज़माने हेतु खिल जाए/1

किसी की हसरतें समझे ख़ुदा का नेक बंदा वो
करूँ तारीफ़ उसकी मैं ज़ुबाँ वरना तो सिल जाए/2

आर. एस. ‘प्रीतम’

1 Like · 162 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from आर.एस. 'प्रीतम'
View all
You may also like:
।। निरर्थक शिकायतें ।।
।। निरर्थक शिकायतें ।।
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
*छंद--भुजंग प्रयात
*छंद--भुजंग प्रयात
Poonam gupta
इस्लामिक देश को छोड़ दिया जाए तो लगभग सभी देश के विश्वविद्या
इस्लामिक देश को छोड़ दिया जाए तो लगभग सभी देश के विश्वविद्या
Rj Anand Prajapati
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
Dr Archana Gupta
स्वर्ग से सुंदर अपना घर
स्वर्ग से सुंदर अपना घर
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कोठरी
कोठरी
Punam Pande
*शुभ गणतंत्र दिवस कहलाता (बाल कविता)*
*शुभ गणतंत्र दिवस कहलाता (बाल कविता)*
Ravi Prakash
माँ
माँ
Shyam Sundar Subramanian
कुछ इस तरह टुटे है लोगो के नजरअंदाजगी से
कुछ इस तरह टुटे है लोगो के नजरअंदाजगी से
पूर्वार्थ
1-कैसे विष मज़हब का फैला, मानवता का ह्रास हुआ
1-कैसे विष मज़हब का फैला, मानवता का ह्रास हुआ
Ajay Kumar Vimal
जिंदगी कंही ठहरी सी
जिंदगी कंही ठहरी सी
A🇨🇭maanush
विवाह रचाने वाले बंदर / MUSAFIR BAITHA
विवाह रचाने वाले बंदर / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
बात मेरी मान लो - कविता
बात मेरी मान लो - कविता
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
ग्रीष्म ऋतु --
ग्रीष्म ऋतु --
Seema Garg
इश्क़ जब बेहिसाब होता है
इश्क़ जब बेहिसाब होता है
SHAMA PARVEEN
कुदरत से मिलन , अद्धभुत मिलन।
कुदरत से मिलन , अद्धभुत मिलन।
Kuldeep mishra (KD)
पर्यावरण
पर्यावरण
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
ना अब मनमानी करता हूं
ना अब मनमानी करता हूं
Keshav kishor Kumar
-आगे ही है बढ़ना
-आगे ही है बढ़ना
Seema gupta,Alwar
भाईचारा
भाईचारा
Mukta Rashmi
किस बात का गुमान है यारो
किस बात का गुमान है यारो
Anil Mishra Prahari
इन दिनों
इन दिनों
Dr. Kishan tandon kranti
शीर्षक – शुष्क जीवन
शीर्षक – शुष्क जीवन
Manju sagar
24/227. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/227. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हे दिनकर - दीपक नीलपदम्
हे दिनकर - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
एक ही तारनहारा
एक ही तारनहारा
Satish Srijan
'चो' शब्द भी गजब का है, जिसके साथ जुड़ जाता,
'चो' शब्द भी गजब का है, जिसके साथ जुड़ जाता,
SPK Sachin Lodhi
नसीबों का मुकद्दर पर अब कोई राज़ तो होगा ।
नसीबों का मुकद्दर पर अब कोई राज़ तो होगा ।
Phool gufran
■ भाषा का रिश्ता दिल ही नहीं दिमाग़ के साथ भी होता है।
■ भाषा का रिश्ता दिल ही नहीं दिमाग़ के साथ भी होता है।
*Author प्रणय प्रभात*
जय अयोध्या धाम की
जय अयोध्या धाम की
Arvind trivedi
Loading...